कुमाऊं में बिजली विभाग को छह माह में 63 करोड़ का घाटा
हल्द्वानी, अमृत विचार। बिजली विभाग घाटे से ऊबर नहीं पा रहा है। राजस्व वसूली की तेज कोशिशों के बाद भी विभाग के कुमाऊं में एक को छोड़ बाकी सभी डिविजन घाटे में चल रहे हैं। कोरोनाकाल में यह घाटा और बढ़ गया है। पिछले छह माह में ही विभाग को तय लक्ष्य में 63 करोड़ …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बिजली विभाग घाटे से ऊबर नहीं पा रहा है। राजस्व वसूली की तेज कोशिशों के बाद भी विभाग के कुमाऊं में एक को छोड़ बाकी सभी डिविजन घाटे में चल रहे हैं। कोरोनाकाल में यह घाटा और बढ़ गया है। पिछले छह माह में ही विभाग को तय लक्ष्य में 63 करोड़ का घाटा हो गया है।
बिजली विभाग के कुमाऊं में 11 डिविजन हैं। विभाग ने हर माह राजस्व का लक्ष्य बनाया और हर माह ही राजस्व की वसूली से पीछे भी रह गया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजस्व वसूली के लगातार अभियान चलाए जाने के बाद भी हर माह करोड़ों का घाटा हो रहा है। केवल नैनीताल डिविजन में लाभ अर्जित किया गया है।
विभाग के उच्चाधिकारियों ने अधीनस्थों को आदेश दिए हैं कि वह अपने स्तर पर कमियां देखें और उस पर तुरंत कार्यवाही करें। लगातार हो रहे राजस्व के घाटे की वजह से बहुत दिक्कतें बढ़ रही हैं। कर्मचारियों के वेतन में तो दिक्कत आ ही रहीं हैं साथ ही नए प्रोजेक्टों को शुरू करने के लिए भी धन की कमी हो रही है। विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक राजस्व में घाटे को सही किया जाए।
दस डिवीजन में हो रहा घाटा
रामनगर -4.35 करोड़
हल्द्वानी (टी) -4.57 करोड़
हल्द्वानी (आर) -7.29 करोड़
काशीपुर – 15.13 करोड़
बाजपुर -17.28 करोड़
जसपुर -12.80 करोड़
रानीखेत -0.49 करोड़
भिकियासैंण -2.57 करोड़
अल्मोड़ा -0.01 करोड़
बागेश्वर -0.09 करोड़
(आंकड़े से अप्रैल 2021 से सितंबर 2021 तक के हैं।)
सभी जोन के अधिशासी अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि समय से पहले बाकाया राशि वसूली जाए।- अतुल सिंह गर्ब्याल, मुख्य अभियंता, बिजली विभाग
