विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विशेष: वायरल बीमारियों के प्रकोप से जिले में बढ़े मनोरोगी

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना की महामारी ने तमाम लोगों के मन को व्यथित किया। बड़ी संख्या में लोग वायरल बीमारियों के चलते मानसिक अवसाद और एंजायटी जैसी मानसिक समस्याओं से पीड़ित हो गए। जो मरीज समय से अपनी समस्याओं को गंभीर महसूस करके डॉक्टर के पास पहुंच गए उन्हें न सिर्फ दवा के जरिए आराम …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना की महामारी ने तमाम लोगों के मन को व्यथित किया। बड़ी संख्या में लोग वायरल बीमारियों के चलते मानसिक अवसाद और एंजायटी जैसी मानसिक समस्याओं से पीड़ित हो गए। जो मरीज समय से अपनी समस्याओं को गंभीर महसूस करके डॉक्टर के पास पहुंच गए उन्हें न सिर्फ दवा के जरिए आराम मिला बल्कि काउंसलिंग के माध्यम से उनको इस तरह की समस्या दूर रहने का मार्गदर्शन भी मिल गया उनका उत्साह भी बढ़ गया।

जिला अस्पताल स्थित मनकक्ष में ऐसे कई मरीज पहुंचे थे जो कोरोना की वजह से आई समस्याओं के चलते काफी व्यथित हो गए थे। ऐसे मरीजों की काउंसलिंग हुई और उन्हें एंजायटी, मानसिक अवसाद से उबरने की दवा मिली। जिला अस्पताल के मनकक्ष प्रभारी डा. आशीष कुमार ने बताया कि इस तरह के कई मरीज अब लगभग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं जबकि कई मरीजों की दवा अभी चल रही है। संभावना है कि जल्दी ही वह पूरी तरीके से स्वस्थ हो जाएंगे। कोरोना की विभीषिका का असर अब उनकी सेहत से घटकर न के बराबर हो गया है। काउंसलिंग और दवा मानसिक समस्या का बहुत ही अच्छा इलाज है जिसका लाभ मरीजों को उठाना चाहिए।

जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार मनकक्ष में पिछले साल 6,438 मामले मनोरोगियों के पहुंचे थे। वहीं इस साल अक्टूबर तक ही 7,141 मनोरोगियों को मनकक्ष की ओर से निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मनकक्ष प्रभारी डा. आशीष ने बताया कि मनकक्ष में जिले के मरीजों के साथ ही पड़ोस के जिलों से भी मरीज आते हैं। जिनकी बीमारी को समझकर उनको उपचार व काउसलिंग के माध्यम से एंजाइटी व मानसिक अवसाद से उबारा जाता है।

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