हल्द्वानी: पर्याप्त पानी तो नहीं मिलता, लेकिन बिल समय पर देता है जल संस्थान

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। ग्राम पंचायत से शहर में आने के बाद भी लोहरियासाल तल्ला वार्ड के हिम्मतपुर मल्ला के कई इलाकों में पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि यहां सैकड़ों घरों में पानी तो नहीं आता है पर जल संस्थान बिल समय पर भेज देता है। 40 साल …

हल्द्वानी, अमृत विचार। ग्राम पंचायत से शहर में आने के बाद भी लोहरियासाल तल्ला वार्ड के हिम्मतपुर मल्ला के कई इलाकों में पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि यहां सैकड़ों घरों में पानी तो नहीं आता है पर जल संस्थान बिल समय पर भेज देता है।

40 साल पुरानी पेयजल की लाइनें सड़क पर दबकर ध्वस्त हो चुकी हैं। जिम्मेदार इसे ठीक तो करा नहीं रहे हैं, बल्कि बगैर पानी पिलाए शुल्क वसूल रहे हैं। शनिवार को अमृत विचार की टीम जब वार्ड पड़ताल करने वार्ड संख्या-40 में पहुंची तो हिम्मतपुर मल्ला के श्रीविहार के लोग पेयजल संकट से परेशान दिखे। हालांकि पिछले कुछ सालों से हिम्मतपुर मल्ला में लगा नलकूप उनके लिए राहत बना हुआ है।

पड़ताल के दौरान लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र की कई कॉलोनियों में लोगों के पास पुराने कनेक्शन भी हैं, जिस लाइन के कनेक्शन हैं, उससे गौला का पानी आता था। कई बार सड़क बनने से लाइनें दो से तीन मीटर तक अंदर दब चुकी हैं। ध्वस्त हो चुकीं इन लाइनों से पानी नहीं आता है, लेकिन जल संस्थान तीन महीने के हिसाब से नौ सौ रुपए से अधिक का बिल घर भेज देता है। हालांकि नलकूप के नए कनेक्शन से पानी को लेकर राहत है, लेकिन जब कभी उस नलकूप में खराबी आ जाती है तो पानी का संकट रुला देता है।

खस्ताहाल सड़कों में रोज ‘टूटती’ है कमर
हिम्मतपुर मल्ला में कई कॉलोनियों की सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। गड्ढे और सड़क के उधड़े होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। बताते हैं कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है। बारिश होने पर जलभराव हो जाता है, तब यह दिक्कत और ज्यादा दुश्वारियां बढ़ा देते हैं।

पाइप लाइन से बहता रहता है पानी
हिम्मतपुर मल्ला में श्रीविहार कॉलोनी के पास ब्लॉक की लिंक रोड पर सालों से तकनीकी खराबी के चलते पाइप लाइन से पानी बह रहा है। लोगों की माने तो करीब तीन साल से इसी तरह पानी की बर्बादी हो रही है। विभाग के कर्मचारी आते हैं, ठीक करने के बजाय समस्या और बढ़ा देते हैं। शिकायत करने के बाद भी पानी की इस बर्बादी को रोका नहीं जाता है।

कई चौराहों पर नहीं लगाई स्ट्रीट लाइटें
स्ट्रीट लाइटों को लगाने में नगर निगम की ओर से मनमानी की गई है या फिर उपयोगिता और संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में नहीं रखा गया है। दरअसल, इस वार्ड की कई कॉलोनियों में चौराहों पर न ही पोल लगे हैं और न ही स्ट्रीट लाइटें ही लगाई गईं। इससे आसपास तो अंधेरा छाया रहता है।

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