कांग्रेस के टिकट पर हल्द्वानी में धमक दिखाएगा भाजपा का अनुसूचित जाति का चेहरा !
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह अभी थमी नहीं थी कि अब विपक्षी दल कांग्रेस में कुमाऊं की सबसे हॉट सीट हल्द्वानी को लेकर घमासान छिड़ गया है। भाजपा छोड़कर हाथ के साथ आने वाले अनुसूचित जाति के चेहरे ने हल्द्वानी से दावेदारी ठोंक दी है। अनुसूचित जाति के चेहरे की इस शर्त …
अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। कांग्रेस की गुटबाजी और अंतर्कलह अभी थमी नहीं थी कि अब विपक्षी दल कांग्रेस में कुमाऊं की सबसे हॉट सीट हल्द्वानी को लेकर घमासान छिड़ गया है। भाजपा छोड़कर हाथ के साथ आने वाले अनुसूचित जाति के चेहरे ने हल्द्वानी से दावेदारी ठोंक दी है। अनुसूचित जाति के चेहरे की इस शर्त ऐसे में कांग्रेस हाईकमान के माथे पर भी बल पड़ गए हैं। यदि भाजपा से आने वाले इस ‘पैराशूट प्रत्याथी’ की शर्त को मान लिया जाता है तो भाजपा का कुनबा टूटे या नहीं टूटे, लेकिन कांग्रेस परिवार में फूट होना तय है।

राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भाजपा के एक कद्दावर अनुसूचित चेहरे के सपरिवार कमल का फूल छोड़कर हाथ के साथ आने की चर्चाएं हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि इस चेहरे के आने से पंजा मजबूत होगा और आगामी विधानसभा चुनाव में दमखम से सत्ताधारी दल भाजपा से दो-दो हाथ करेगा। राजनीतिक सूत्रों की माने तो इस अनुसूचित चेहरे ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. इंदिरा हृदयेश की परंपरागत सीट हल्द्वानी विधानसभा के लिए दावेदारी ठोंक दी है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान के सामने हल्द्वानी विधासभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
पहाड़ का रास्ता हल्द्वानी से होकर जाता है, ऐसे में इस सीट का अलग महत्व है और यह सीट कांग्रेस की परंपरागत भी मानी जाती है। वहीं, उनकी शर्त है से कांग्रेस के दिग्गज नेता तो परेशान हो गए हैं वहीं हाईकमान भी सकते में हैं। कांग्रेस ने उन्हें पहाड़ से किसी भी विधानसभा सीट चुनने के लिए कह दिया है मगर कद्दावर चेहरा हल्द्वानी पर अड़ गया है। ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज सियासी जोड़ घटाने में लग गए हैं। साथ ही अनुसूचित चेहरे से वार्ता कर बीच का रास्ता निकालने में जुट गए हैं क्योंकि कई सीटों पर अनुसूचित मतदाता बड़ा उलट फेर कर सकता है। ऐसे में वह इस चेहरे को नाराज भी नहीं करना चाहते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पैराशूट उम्मीदवार उतरने से भाजपा में टूट होगी यह तय नहीं है लेकिन कांग्रेस में फूट होना निश्चित है। हल्द्वानी विधानसभा से पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व.इंदिरा हृदयेश, पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के रिश्तेदार दीपक बल्यूटिया, पूर्व दर्जा मंत्री ललित जोशी ने ताल ठोंक रखी है। इन तीनों में चयन करना और कुनबा बचाए रखना मुश्किल है ऐसे में भाजपा के चेहरे के आने से तो बवाल हो सकता है हालांकि अनुसूचित चेहरे के कद को देखते हुए नकारा भी नहीं जा सकता है। फिलहाल अब अनुसूचित चेहरे और हल्द्वानी से अभी तक के कांग्रेस के तीनों दावेदारों का भविष्य दिसंबर में ही तय होगा।
अनुसूचित जाति के चेहरे ने परिजन के साथ ही मांगें पांच टिकट
भाजपा छोड़कर आने वाले अनुसूचित जाति के चेहरे ने हल्द्वानी के साथ-साथ पांच सीटें मांगी हैं। इनमें एक सीट परिजन और बाकी सीट साथ में आने वाले समर्थकों के लिए मांगी हैं। ऐसे में नैनीताल व ऊधम सिंह नगर की सीटों पर तैयारी कर रहे पुराने कांग्रेसी भी नाराज हो सकते हैं।
क्या कहते हैं उम्मीदवार
कांग्रेस में कोई टिकट की शर्त पर नहीं जनसेवा के लिए आता है। मैं कांग्रेस का सच्चा सिपाही हूं और हाईकमान का फैसला अंतिम फैसला होगा, जो मेरे लिए मान्य होगा। कांग्रेस जिसको भी टिकट देगी, उसको समर्थन दूंगा। – दीपक बल्यूटिया, प्रदेश प्रवक्ता
कांग्रेस में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का सम्मान है और आगे भी किया जाएगा। हल्द्वानी विधानसभा में प्रत्याशी तय करने से पहले हल्द्वानी की राजनीति में सक्रिय लोगों की भी राय ली जाए तो उचित होगा।- ललित जोशी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य
ऐसी चर्चा में कोई दम नहीं है, ये फैक्ट नहीं है। जिस तरह मां (इंदिरा हृदयेश) को पार्टी नेतृत्व और पार्टी नेतृत्व को मां पर भरोसा था। उसी तरह मुझे भी पार्टी केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। – सुमित हृदयेश, चेयरमेन पब्लिसिटी कमेटी
