हल्द्वानी वार्ड- 41 का हाल: भगवानपुर में नलकूप की मोटर फुंकी, पानी के लिए तरसे लोग
हल्द्वानी, अमृत विचार। भगवानपुर में पिछले 48 घंटे से पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। शुक्रवार की रात दस बजे नलकूप की मोटर फुंक गई, जिसके बाद से इस वार्ड की तकरीबन दस हजार की आबादी पानी को तरस रही है। रविवार की देर रात तक भी इस समस्या का हल नहीं निकाला जा …
हल्द्वानी, अमृत विचार। भगवानपुर में पिछले 48 घंटे से पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। शुक्रवार की रात दस बजे नलकूप की मोटर फुंक गई, जिसके बाद से इस वार्ड की तकरीबन दस हजार की आबादी पानी को तरस रही है। रविवार की देर रात तक भी इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सका।

अमृत विचार टीम ने जब पड़ताल की तो यह जानकर और हैरानी हुई कि हर चार से पांच महीने में कई दिनों तक यहां के लोग इस समस्या से जूझते हैं। शहर के वार्ड संख्या-41 में एक बड़ी आबादी को कम क्षमता के इस नलकूप से पानी की पूर्ति कर पाना भगवान भरोसे हो गया है। शुक्रवार की देर रात करीब दस बजे नलकूप की मोटर फुंक गई। इसके बाद से इस वार्ड के लोगों को पानी के लिए दुश्वारियां सहनी पड़ रही हैं।
इस वार्ड में करीब आठ से दस हजार की आबादी बताई जाती है। अब यहां के लोग पानी के टैंकर के भरोसे प्यास बुझा रहे हैं। जलसंस्थान टैंकरों के माध्यम से भी घरों में पर्याप्त पानी सप्लाई नहीं कर पा रहा है। इस वजह से लोगों को निजी टैंकर भी मंगाने पड़ रहे हैं। वार्ड की कई कॉलोनियों में सरकारी टैंकर न पहुंच पाने से एक बड़ी आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। रविवार की देर रात दस बजे तक यह मोटर ठीक नहीं हो सकी थी।
क्षमता से चार गुना आबादी को होती है सप्लाई
बड़ी आबादी की प्यास बुझाने के लिए कम क्षमता की टंकी का होना इस समस्या का एक बड़ा कारण है। कुछ महीने में ही अक्सर यह नलकूप फुंक जाता है। बताया जाता है कि करीब 50 हजार लीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक को केवल सवा दो सौ के करीब परिवारों को ही पानी सप्लाई करने के लिए बनाया गया था, लेकिन आबादी बढ़ती गई और फिर ओवरहेड टैंक पर दबाव भी बढ़ने लगा। अब 800 से 900 घरों में इस नलकूप से ही सप्लाई की जाती है।
बोले लोग
नलकूप में स्टेप्लाइजर का प्रयोग नहीं होता है। इसीलिए लाइट के गड़बड़ होने पर नलकूप की मोटर फुंकती है। जानबूझकर यह व्यवस्था नहीं की जाती है। –राहुल जोशी
एक नलकूप पर काफी आबादी को पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी है। दूसरा विकल्प हो तो यह समस्या नहीं आएगी। –ललिता तोलिया
पानी की सप्लाई अचानक रूक जाती है तो बहुत परेशानी होती है। टैंकर से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। कई दिनों तक दुश्वारियां सहते हैं। –आशा कबड़वाल
पेयजल सप्लाई का कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी भी सप्लाई चालू कर देते हैं। इस अव्यवस्था को काफी परेशानी होती है। –राहुल अधिकारी
एक नलकूप के सहारे पानी व्यवस्था चल रही है। सप्लाई रूक जाती है तो परेशानी बढ़ जाती है। एक कनेक्शन और होना चाहिए। –विमला अधिकारी
एक और नलकूप और ओवर हेड टैंक को लेकर प्रस्ताव शासन और नगर निगम को भेजा गया है। कोशिश रहेगी कि यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो सके। –चंद्र प्रकाश, पार्षद
