कोयले की आपूर्ति के चलते NTPC ने लिया बड़ा फैसला, जानें क्या…

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रायबरेली। कोयले की आपूर्ति कम होने से उत्तर भारत में बिजली का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने कोयला की आपूर्ति बढ़ाने के कदम तेज किए हैं। जिस कारण एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना को मिलने वाली कोयले की आपूर्ति में हल्का सुधार हुआ है। इसके चलते बिजली का उत्पादन भी बढ़ गया …

रायबरेली। कोयले की आपूर्ति कम होने से उत्तर भारत में बिजली का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने कोयला की आपूर्ति बढ़ाने के कदम तेज किए हैं। जिस कारण एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना को मिलने वाली कोयले की आपूर्ति में हल्का सुधार हुआ है। इसके चलते बिजली का उत्पादन भी बढ़ गया है।

एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में बीते दो दिनों से कोयले की आपूर्ति बढ़ी है। झारखंड से दो दिन से पांच रैक प्रतिदिन कोयला की रैक आ रही है। जबकि पूर्व में यह दो रैक थी। सोमवार और मंगलवार को पांच-पांच कोयला मिलने के बाद एनटीपीसी में चल रही चार यूनिटों को पूरे भार पर चलाया जाने लगा है। अभी तक यह यूनिट आधे भार पर चल रही थीं।

यूनिट नंबर एक , तीन , चार और पांच अपनी उत्पादन क्षमता प्रत्येक यूनिट 210 मेगावाट के सापेक्ष औसतन 200 मेगावाट के भार पर चल रही हैं। जिससे ऊंचाहार एनटीपीसी का कुल उत्पादन करीब 800 मेगावाट हो गया है। जबकि दो दिन पहले तक उत्पादन 500 मेगावाट था। इस समय करीब बीस हजार मीट्रिक टन कोयला प्रतिदिन मिल रहा है। उधर कोयले की कमी के कारण बंद की गई 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर छह और 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर दो अभी बंद रखा गया है।

यूनिट दो की होगी मरम्मत

यूनिट नंबर दो को एनटीपीसी प्रबंधन ने मरम्मत और ब्वायलर लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए एक महीने के लिए अनुमति प्राप्त कर लिया है और इस यूनिट में काम भी शुरू हो गया है।

एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि कोयले की आपूर्ति बढ़ी है। इसके चलते चार यूनिट को पूरे भार पर चलाया जा रहा है । धीरे धीरे स्थितियों में सुधार आ रहा है।

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