सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेंगे पांच हजार, केंद्र की योजना अब उत्तराखंड में भी हुई लागू
हल्द्वानी, अमृत विचार। देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर में कमी लाने के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) स्कीम लागू कर दी है। इसके तहत सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बचाने का कार्य करने वाले गुड सेमेरिटन यानी व्यक्ति को 5 हजार रुपए की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर में कमी लाने के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) स्कीम लागू कर दी है। इसके तहत सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बचाने का कार्य करने वाले गुड सेमेरिटन यानी व्यक्ति को 5 हजार रुपए की नगद प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। योजना को प्रोत्साहन अवॉर्ड नाम दिया गया है।

आरटीओ प्रर्वतन नंद किशोर ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह योजना उत्तराखंड में लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को गुड सेमेरिटन सीधा अस्पताल व ट्रॉमा केयर सेंटर ले जाता है, तो उस व्यक्ति के बारे में डॉक्टर की ओर से स्थानीय पुलिस या आरटीओ को सूचित किया जाएगा। योजना के संबंध में सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ऐसे करेंगे आवेदन
आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर ने बताया कि विभाग की ओर से गुड सेमेरिटन का पता, घटना का विवरण, मोबाइल नंबर इत्यादि अधिकृत लैटरपैड पर निर्धारित प्रारूप गुड सेमेरिटन और जिला अप्रेजल कमेटी को भेजी जाएगी। ऐसे मामलों को परीक्षण करने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी, जिसमें एसपी, सीएमएचओ व जिला परिवहन अधिकारी सदस्य होंगे।
ये कमेटी प्रकरणों की समीक्षा कर पुरस्कार देने का निर्णय लेगी। सूची राज्य परिवहन आयुक्त को भेजी जाएगी। राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे गुड सेमेरिटन के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि जमा कर दी जाएगी। एडीजी जनार्दन ने बताया कि गुड सेमेरिटन द्वारा दी गई जानकारी केवल अवॉर्ड प्रदाय के लिए उपयोग की जाएगी, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं। एक गुड सेमेरिटन को वर्ष में अधिकतम 5 केस में इनाम दिया जाएगा।

यह रहेगी पात्रता
कोई भी व्यक्ति जो मोटरयान सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल व ट्रॉमा केयर सेंटर तत्परता से पहुंचाकर जान बचाता है। ऐसे सभी व्यक्ति इस अवॉर्ड के लिए पात्र होंगे। गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना होने के एक घंटे में गंभीर घायल व्यक्ति को मरने से बचाने के लिए चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना।
राज्य से भेजे जाएंगे 3 केस
5 हजार रुपए के इनाम के अलावा केंद्र सरकार की तरफ से 10 जीवन रक्षकों को 1-1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। योजना के मुताबिक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों से उत्कृष्ट तीन-तीन प्रकरण प्राप्त कर परीक्षण किए जाएंगे। ऐसे 10 प्रकरण उत्कृष्ट सहायता के आधार पर चयनित कर परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
