आपदा की घड़ी में नैनीताल पुलिस और सेना के जवान बने देवदूत, मौत के मुंह से बचाई जिंदगियां

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संजय पाठक, हल्द्वानी। देवभूमि में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं। नैनीताल जिले की 11 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। हालात यह हैं कि सोमवार दोपहर तक नैनीताल जिले में ही 17 लोगों की मलबे में दबकर मौत …

संजय पाठक, हल्द्वानी। देवभूमि में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं। नैनीताल जिले की 11 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। हालात यह हैं कि सोमवार दोपहर तक नैनीताल जिले में ही 17 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो चुकी है।

आपदा की इस घड़ी में एक बार फिर नैनीताल पुलिस और सेना के जवान देवदूत बनकर जमीन पर उतरे हैं। खुद कुमाऊं जोन के डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे और जिले की एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी आपदा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू करवा रहे हैं। ऐसे में विभिन्न थानों की पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, पीएसी, एनडीआरएफ की टीमें भी बचाव कार्य में जुटी हैं।

ज्योलीकोट के पास बाधित मार्ग को खुलवाने में जुटीं एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी।

नैनीताल में नैनी झील का पानी माल रोड और नैना देवी मंदिर तक जा पहुंच गया। सड़कों पर पानी के तेज रफ्तार के कारण कई दुकानदार दुकानों में ही फंस गए। इस दौरान पुलिस और सेना के जवानों ने रस्सी के सहारे बमुश्किल दुकानदारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान एक दुकानदार पानी के बहाव के साथ बह गया। कुछ दूरी पर रेस्क्यू कर जवानों ने दुकानदार बचा लिया। जिसके बाद दुकानदार को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नैनीताल में पानी के तेज बहाव के बीच रेस्क्यू अभियान चलाते नैनीताल पुलिस और सेना ने जवान।

अमूमन इसी तरह की तस्वीरें नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर, रामनगर, ज्योलीकोट और हल्द्वानी से सामने आईं जहां पुलिस के जवानों ने आपदा प्रभावित लोगों की तरफ मदद के हाथ बढ़ाए। हर किसी ने नैनीताल पुलिस के इस जज्बे की तारीफ की।

हल्द्वानी में रेस्क्यू अभियान के दौरान डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे।

इधर, हल्द्वानी में रेस्क्यू के दौरान डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि एसडीआरएफ, पीएसी, एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में लगी हैं। पुलिस की टीमें लगातार रास्ते खुलवाने का काम कर रही हैं। नदी किनारे रह रहे लोगों को सु्रक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। दोपहर तक पंतनगर में केंद्र से बचाव टीमें पहुंच जाएंगी। डीआईजी ने अफवाहों पर ध्यान न देने और अगले 24 घंटे तक घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।

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