अल्पसंख्यकों पर हमले

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Edited By Amrit Vichar
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों के विरोध में देश में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने देश में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से कूटनीति के प्रयोग से हस्तक्षेप करने व संयुक्त राष्ट्र संगठन से भी मूकदर्शक न बने रहने की अपील की। वहीं अमेरिका ने बांग्लादेश की घटनाओं …

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों के विरोध में देश में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद ने देश में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से कूटनीति के प्रयोग से हस्तक्षेप करने व संयुक्त राष्ट्र संगठन से भी मूकदर्शक न बने रहने की अपील की। वहीं अमेरिका ने बांग्लादेश की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि धर्म या आस्था चुनने की स्वतंत्रता, मानवाधिकार है।

भीड़ ने रविवार देर रात बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लोगों के मकान क्षतिग्रस्त कर उनमें आग लगा दी थी। इन हमलों के बाद वहां जगह-जगह फैले दंगों में छह लोग मारे जा चुके हैं। बांग्ला गृहमंत्री असदुज्जमां खान इन हमलों को ‘साजि़श’ करार दे रहे हैं। बांग्लादेश के सूचना-प्रसारण मंत्री मुराद हसन ने स्पष्ट किया है कि इस्लाम ही बांग्लादेश का धर्म नहीं है। देश में हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई आदि समुदायों के लोग भी रहते हैं। यह सिर्फ हिंदू-मुसलमान का मुद्दा नहीं है। यह लोकतंत्र बनाम कट्टरता, मानवता बनाम जेहाद और इस्लाम बनाम गैर-इस्लाम का मुद्दा है।

बांग्लादेश की सरकार भी मानती है कि उनका देश हिंदुओं का भी है। फिर ऐसे हमले क्यों किए जाते रहे हैं? यह पहली बार नहीं है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले हुए हैं। पहले भी कुछ उपद्रवी तत्व अफवाह फैला कर सौहार्द का वातावरण बिगाड़ने का प्रयास करते रहे हैं। बांग्लादेश के साथ भारत के सदा से मधुर संबंध रहे हैं।

अच्छी बात है कि बांग्लादेश की सरकार ने हमेशा ऐसी घटनाओं पर सख्ती से काबू पा लिया। दरअसल, ऐसी घटनाओं का कारण कई बार प्रतिक्रिया में बनता है, तो कई बार ऐसी हरकतें कुछ राजनीतिक लोग अपना स्वार्थ साधने और सत्ताधारी पार्टी को बदनाम या अस्थिर करने के मकसद से भी करते हैं। वे मौके की तलाश में रहते हैं कि कैसे कट्टरपंथियों को उकसाया जाए और अल्पसंख्यकों को निशाने पर लेकर दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा की जा सके।

दरअसल, कुछ पाक परस्त लोग सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़कर अपनी रोटियां सेंक रहे हैं। विश्वव्यापी कट्टरपंथी लहर के पोषक बांग्लादेश में भी कम नहीं हैं, वे भी चाहते होंगे कि हिंदुओं पर हमले करने से भारत में भी प्रतिक्रिया होगी, वहां के लोग बांग्लादेशियों पर हमले करेंगे और इस तरह दोनों देशों में माहौल बिगड़ेगा। ऐसे में भारत को भी देखना होगा कि देश में धर्म के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नजर न आये। याद रखना चाहिए कि भारत में होने वाली घटनाओं की प्रतिक्रिया देश से बाहर रह रहे नागरिकों को भी झेलनी पड़ती है।