बरेली: 50 गांवों को जिला प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त घोषित किया
बरेली, अमृत विचार। दो दिन से कोसी, किच्छा और बहगुल नदियां खूब तबाही मचा रही हैं। अब तक 300 से अधिक गांवों में नदियों का पानी घुस चुका है। इसमें से 50 गांवों को प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त घोषित किया है। शीशगढ़ के ग्राम पंचायत बरगवां में किच्छा नदी पर नवंबर, 2018 में 13.41 करोड़ की …
बरेली, अमृत विचार। दो दिन से कोसी, किच्छा और बहगुल नदियां खूब तबाही मचा रही हैं। अब तक 300 से अधिक गांवों में नदियों का पानी घुस चुका है। इसमें से 50 गांवों को प्रशासन ने बाढ़ग्रस्त घोषित किया है। शीशगढ़ के ग्राम पंचायत बरगवां में किच्छा नदी पर नवंबर, 2018 में 13.41 करोड़ की लागत से बनाया गया नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे यातायात बंद हो गया। इस पुल का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था।
यह क्षेत्र पीलीभीत लोकसभा में आता है। पुल के पास लगे पत्थर को देखने से मालूम हुआ है कि तत्कालीन सांसद मेनका गांधी के समय में पुल का निर्माण हुआ था। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांव का यातायात बाधित होने से ग्रामीण और संकट में पड़ गए हैं। इस पुल का रास्ता मानपुर के दर्जनों गांव से सीधे बहेड़ी, शेरगढ़ होते हुए बरेली को जाता है। ग्राम प्रधान ओमकार गंगवार ने बताया कि पानी के तेज बहाव से पुल का रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
प्रशासन से जल्द ठीक कराने की मांग की है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। इससे हजारों की संख्या में ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव को जाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्राम गुलरिया में गांव में घुसने वाले रास्ते पर पानी आने से यहां आवागमन पूर्णता बंद हो। मीरगंज में भाखड़ा नदी पर बना रेलवे पुल डूबने की कगार पर आ गया है। यहां दिन प्रतिदिन जलस्तर बढ़ रहा है। शेरगढ़-नगरियाकलां सम्पर्क मार्ग कटने से रास्ता अवरूद्ध रहा। नगरियाकलां-कमालपुर के बीच किच्छा नदी पर निर्माणाधीन पुल भी बाढ़ से घिरा हुआ है। कर्मचारी गांव में ठहरे हुए हैं।
आपदा में तलाशे अवसर, बाइक के ₹100 और सवारी के ₹50 रुपये वसूले
शीशगढ़-धनेटा रोड पर जोखनपुर से सुल्तानपुर तक बाढ़ का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे दोपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि जरा भी लापरवाही में जीवन पर संकट आ जाए। इस मौके का गुरुवार को आसपास गांव के लोगों ने खूब फायदा उठाया। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्राली से सवारियों और उनके मोटरसाइकिलों रखकर खूब पैसे वसूले। चार किलोमीटर की रेंज में मोटरसाइकिल के ₹100 और सवारी के ₹50 वसूलते गए। कमालपुर धर्मपुरा गांव के हालात भी खराब हैं। लोगों ने प्रशासन को सूचना दे दी लेकिन दिनभर गुजरने के बाद प्रशासन का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
करीब 50 गांवों को बाढ़ग्रस्त माना गया है। एसडीएम-तहसीलदारों को गांवों का दौरा कर नुकसान की रिपोर्ट तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं। जिन गांवों में पानी भरा है, उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
