बड़ी उपलब्धि

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान के तहत देश में सौ करोड़ टीके लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक गेब्रेयेसस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को बधाई दी। केंद्र सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि बता रही है। निश्चित रुप से यह उपलब्धि स्वास्थ्य के …

कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान के तहत देश में सौ करोड़ टीके लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक गेब्रेयेसस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को बधाई दी। केंद्र सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि बता रही है। निश्चित रुप से यह उपलब्धि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय होने के साथ ही विश्व पटल पर भारत की सामर्थ्य का प्रतीक है।

वहीं विरोधी दल इसे राजनीतिक स्टंट और आंकड़ों की बाजीगरी बता रहे हैं। टीकाकरण मुहिम की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी। देश में वैज्ञानिकों और चिकित्सकों ने रिकॉर्ड समय में टीके विकसित किए और स्वास्थ्यकर्मियों, ‘फ्रंटलाइन वर्कर्स’ और कोरोना योद्धाओं ने इतनी कम अवधि में मील का पत्थर पार किया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में सभी पात्र वयस्क आबादी में से 75 फीसदी से अधिक को टीके की कम से कम एक खुराक और करीब 31 फीसदी आबादी को दोनों खुराक मिल चुकी है। पूरे यूरोपीय संघ में अब तक जितने कोविड वैक्सीन लगाए गए हैं, उससे भी कहीं अधिक टीके भारत में लगाए गए हैं। अमेरिका में हुए कुल टीकाकरण से लगभग ढाई गुना अधिक टीके देश में लग चुके हैं।

केंद्र का आरोप है कि कई राज्य सरकारों ने कोरोना काल में भी राजनीति करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राज्यों में कोरोना वैक्सीन का प्रबंध सही तरीके से नहीं करने के कारण वैक्सीन की बर्बादी अधिक हुई। वहीं विरोधी दल कह रहे हैं कि सरकार की ओर से देश को आश्वासन दिया गया था कि 31 दिसंबर तक देश की पूरी आबादी को पूर्ण टीकाकरण कर दिया जाएगा। देश में अगर नौ महीनों में 100 करोड़ खुराकें दी गई हैं तो बाकी के दो महीने में अन्य 160 करोड़ टीके का लक्ष्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है। निकट भविष्य में कुछ राज्यों में चुनाव को देखते हुए यह आंकड़ों की बाजीगरी की जा रही है।

देश में भले ही बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण किया गया है लेकिन अभी भी कोविड प्रोटोकोल का पालन किया जाना जरूरी है। त्योहारों और उत्सवों का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है, उन्हें टीकाकरण कराना चाहिए। साथ ही शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए प्रयास और अधिक तेज करने की जरूरत है।

साथ ही 17 वर्ष के कम उम्र के लोगों के लिए टीका उपलब्ध हो जाने पर जागरूकता फैलाने के लिए आईईसी गतिविधियां एवं प्रचार-प्रसार के लिए तैयार रहना होगा, ताकि लोगों को संदेश दिया जा सके कि वैक्सीन से बच्चे पूर्णतया सुरक्षित रह सकेंगे।