हल्द्वानी: पानी बर्बाद करना पड़ेगा महंगा, स्मार्ट मीटर बताएगा कितना पानी किया खर्च
बबिता पटवाल, हल्द्वानी। सावधान हो जाइए, क्योंकि जल्द ही बूंद-बूंद का हिसाब जल संस्थान को देना पड़ सकता है। पेयजल मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है। स्मार्ट मीटर से पता चलेगा कि उपभोक्ता कितने पानी की खपत कर रहे हैं। इसी के आधार पर पानी का बिल जमा …
बबिता पटवाल, हल्द्वानी। सावधान हो जाइए, क्योंकि जल्द ही बूंद-बूंद का हिसाब जल संस्थान को देना पड़ सकता है। पेयजल मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है। स्मार्ट मीटर से पता चलेगा कि उपभोक्ता कितने पानी की खपत कर रहे हैं। इसी के आधार पर पानी का बिल जमा करना होगा।
पेयजल मंत्रालय के एसडब्लूएसएम पैरी शहरी योजना के तहत चार जिलों में वर्ल्ड बैंक की मदद से ओवरहैड टैंक व अन्य पेयजल संबंधित काम किए जा रहे हैं। इन सभी जिलों के लिए मंत्रालय से 900 करोड़ रूपए प्रस्तावित हुए हैं। जिसमें से नैनीताल जिले के कुसुमखेड़ा में एक ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया है। दूसरा ओवरहैड टैंक तल्ली हल्द्वानी में बन रहा है। इन दोनों टैंकों की लागत 3938.43 लाख रुपए आई है।
कुसुमखेड़ा में बने टैंक की छत पर एक स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। इसी के साथ ही कुसुमखेड़ा निवासियों के घरों में जल निगम में योजना संचालित कर रहे विभाग की ओर से 2350 स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं। इन मीटरों में एक एएमआर लगाया गया है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि प्रति व्यक्ति ने एक दिन में कितना पानी का इस्तेमाल किया है। वहीं तीसरा ओवरहैड टैंक गौजाजाली में बनने जा रहा है। इसका टेंडर हो चुका है। लेकिन अभी तक इसको बनाने के लिए मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है। वर्ल्ड बैंक की इस योजना में जल जीवन मिशन, जल संस्थान, पेयजल निगम व स्वच्छ भारत मिशन शामिल हैं।
मंत्रालय की ओर से जारी बजट में हल्द्वानी को 155 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना को संचालित करने के लिए अलग से विभाग गठित किया गया है, जो पांच साल तक इन ओवरहैड टैंक का रखरखाव से लेकर अन्य खर्च स्वयं उठाएगा।
13 योजनाओं में से छह पर ही हो रहा काम
हल्द्वानी। वर्ल्ड बैंक एसडब्लूएसएम पैरी शहरी योजना के तहत पूर्व में 13 योजनाएं प्रस्तावित की गई थी। इसमें से केवल छह ही योजनाओं पर काम किया जा रहा है। अन्य योजनाओं को निरस्त कर दिया गया है। इन योजनाओं में शहर के मुखानी, बिठौरिया, बंदोबस्ती समेत कई क्षेत्र भी शामिल थे।
स्मार्ट मीटर लगने से पानी की बर्बादी कम होगी। मीटर तो लगा दिए गए हैं। लेकिन अभी केवल टेस्टिंग चल रही है। सफलता मिलने पर जल्द ही योजना को लागू कर दिया जाएगा। – योगेंद्र उप्रेती, सहायक अभियंता, जल निगम
