बरेली: स्नातक में अब प्रतिशत नहीं, सीजीपीए में मिलेंगे अंक

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बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के साथ पढ़ाई शुरू हो गई है। अब स्नातक प्रथम वर्ष में रिजल्ट में भी बदलाव होगा। अब प्रतिशत में अंक न मिलकर सीजीपीए (कम्युलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) में दिए जाएंगे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. केपी …

बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के साथ पढ़ाई शुरू हो गई है। अब स्नातक प्रथम वर्ष में रिजल्ट में भी बदलाव होगा। अब प्रतिशत में अंक न मिलकर सीजीपीए (कम्युलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) में दिए जाएंगे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव पास कर दिया गया। बैठक में नवीन पाठ्यक्रमों, प्रवेश, परीक्षा, सीबीएस व अन्य प्रस्ताव भी पास हुए हैं। बैठक में डीआरडीओ एवं एआईसीसीटीई द्वारा संस्तुत एमटेक (डिफेन्स टेक्नोलॉजी) को विश्वविद्यालय में संचालित करने का अनुमोदन किया गया।

बैठक में सबसे पहले कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। जिसके बाद बोर्ड ऑफ स्टडीज द्वारा विषयवार तैयार किये गए पाठ्यक्रमों का अनुमोदन किया गया। बैठक में नवीन पाठ्यक्रमों के सम्बन्ध में निर्धारित व्यवस्थानुसार संकाय वार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत पाठयक्रम वाणिज्य प्रबन्धन विधि तथा अभियान्त्रिी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में नवीन पाठ्यक्रमों का प्रारम्भ किये जाने एवं विश्वविद्यालय को प्रथम परिनियमावली में सम्मिलित किया जाने पर सहमति प्रदान की गई।

परास्नातक स्तर पर फैशन डिजाईनिंग, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (एम.लिब.) को भी सहमति प्रदान की गई। इसके अलावा सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फार मल्टीलेंग्युल स्टडीज़ के सम्बन्ध में तैयार किये गये पाठ्यक्रम को सहमति दी गई। इसके अलावा प्रबन्धन संकाय द्वारा बीबीए त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के संबंध में तैयार पाठ्यक्रम एवं अध्यादेश का भी अनुमोदन किया गया। स्नातक प्रथम वर्ष में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस, विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न संकायों में सीबीसीएस पद्धति से संचालन का अनुमोदन किया गया।

एनसीसी को पाठ्यक्रम में किया शामिल
स्नातक प्रथम वर्ष में प्रथम चार सेमेस्टर में तीन क्रेडिट के तैयार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अनुमोदन पर विचार किया गया। इसके तहत अब महाविद्यालय व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित कर सकेंगे। इसके अलावा एनसीसी को स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में तीन क्रेडिट के माइनर पेपर के रूप में प्रथम चार सेमेस्टर में संचालित करने का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा नान क्रेडिट को करिकुलर विषयों एवं पाठ्यक्रमों का भी अनुमोदन किया गया।

संस्कृत पाठ्यक्रम में किया बदलाव
नवीन संस्कृत पाठ्यक्रम में बीए द्वितीय वर्ष के तृतीय सेमेस्टर के प्रथम भाग की इकाई द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ में अभिज्ञान शकुन्तलम नाटक के स्थान पर विशाखादत्त विरचित मुद्राराक्षसम को शामिल किये जाने या दोनों विकल्पों को उपलब्ध कराने सम्बन्धी आचार्य डा. सुमेधा मुख्य अधिष्ठात्री श्रीमदयानन्द कन्या गुरुकुल महाविद्यालय, चोटीपुरा, अमरोहा के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

बैठक में कुलसचिव डा. राजीव कुमार, प्रोफेसर एसके पांडेय, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. पीबीसिंह, प्रो. बृजेश त्रिपाठी, प्रो. रश्मि अग्रवाल, प्रो. केके चौधरी, प्रो. नलनी श्रीवास्तव, प्रो. विजय बहादुर यादव, प्रो. श्याम बिहारी लाल, प्रो. संतोष अरोरा, प्रो. जेएन मौर्य, डा. आलोक श्रीवास्तव, डा. अमित सिंह, डा. गौरव राव, डा. ज्योति पांडेय, डा. अनुराग मोहन, डा. सुमन, डा. चारु मेहरोत्रा, डा. स्वदेश सिंह व अन्य शिक्षक शामिल हुए।

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