बरेली: 162.130 मीटर पहुंचा चौबारी रामगंगा का पानी, तटबंधों को खतरा
बरेली, अमृत विचार। रामगंगा नदी खतरे के निशान तक पहुंच गयी है। शनिवार को जलस्तर 162.130 मीटर रिकार्ड किया गया। शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह तक जलस्तर बढ़ने की वजह से गोटिया मोहर सिंह तटबंध एवं भगवानपुर रुकमपुर तटबंध और बदायूं सिंचाई परियोजना में निर्मित दायां एफ्लक्स बंध संवेदनशील स्थिति में आ गए हैं। नदी …
बरेली, अमृत विचार। रामगंगा नदी खतरे के निशान तक पहुंच गयी है। शनिवार को जलस्तर 162.130 मीटर रिकार्ड किया गया। शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह तक जलस्तर बढ़ने की वजह से गोटिया मोहर सिंह तटबंध एवं भगवानपुर रुकमपुर तटबंध और बदायूं सिंचाई परियोजना में निर्मित दायां एफ्लक्स बंध संवेदनशील स्थिति में आ गए हैं। नदी के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाला एरिया पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
इसको लेकर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने चेतावनी जारी कर अपने उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया है। शनिवार को बाढ़ खंड की ओर से मुख्य अभियंता (पूर्वी गंगा) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को लिखित सूचना देकर अवगत कराया कि रामगंगा नदी जनपद बरेली की तहसील मीरगंज, आंवला, सदर व फरीदपुर में लगभग 75 किलोमीटर लंबाई में बहती है। शनिवार को चौबारी में रामगंगा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 162.130 मीटर है।
गत दिवसों में पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा एवं अन्य जनपदों में हुई वर्षा के कारण बरेली में कालागढ़ बांध से छोड़े गए पानी एवं हरेवली बैराज, पीली डैम, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बीयर, कैमरी बीयर, भाखड़ा नदी, किच्छा नदी आदि नदियों का पानी बरेली में रामगंगा नदी में मिलने के कारण रामगंगा चौबारी का जलस्तर बढ़ गया है। शुक्रवार को जलस्तर 161.710 मीटर था। शनिवार सुबह 162.210 मीटर पहुंच गया।
इसके बाद कुछ घटा लेकिन 162.130 मीटर पर है लेकिन यह स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। जनपद में सिंचाई विभाग के दोनों तटबंध और बदायूं सिंचाई परियोजना के बंध को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में जलस्तर दिख रहा है। सिंचाई विभाग (बाढ़ खंड बरेली) द्वारा 24 घंटे की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र की फसल भी जलमग्न हो गयी है। नदी किनारे निचले क्षेत्र में बसी आबादी की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियां क्रियाशील कर दी गयी हैं।
