हल्द्वानी: दूसरे दिन भी धरने पर बैठे पेयजल निगम के अधिकारी- कर्मचारी, बनाई रणनीति
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीयकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड पेयजल निगम के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से निगम का दर्जा होने से कर्मचारियों को वेतन-भत्तों का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे …
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीयकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड पेयजल निगम के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से निगम का दर्जा होने से कर्मचारियों को वेतन-भत्तों का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से दायित्वों को निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं।

राजकीयकरण की एक सूत्री मांग को लेकर अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले उत्तराखंड पेयजल निगम के डिप्लोमा इंजीनियर संगठन, उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ, फील्ड कर्मचारी संगठन, जल निगम-जल संस्थान मजदूर यूनियन, पेंशनर्स एसोसिएशन,अधिशासी अभियंता एसोसिएशन समेत अन्य संगठन एकजुट हुए हैं। वक्ताओं ने कहा कि 27 अक्तूबर को भी धरना जारी रहेगा, अगर फिर भी मांग पर विचार नहीं किया गया तो 28 अक्तूबर से सभी अधिकारी और कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस मौके पर संयोजक (कुमाऊं) भुवन जोशी, दीपेश स्वार, यतेन्दर सिंह रावत, यतेंद्र लस्पाल, बीके पंत, एके कटारिया, सुधीर कुमार, एके जोशी, महेंद्र सिंह, रवींद्र फर्त्याल, यतेंद्र लस्पाल, मोहन राम, तारी राम, ऊषा शर्मा, रेखा सुयाल, हर्षा पांडे, भगवती रौतेला, अभिषेक पांडे, दिनेश पांडे, सुरेश मिश्रा, लक्ष्मण सिंह मटियाली, कमला जोशी, मीना कश्यप, एससी मिश्रा, दिनेश पांडे, लक्षिका उप्रेती, हर्षा पांडे, अभिषेक पांडे, गीता जोशी, दीपा, प्रताप सिंह जीना, भवानंद जोशी, राजीव चंद्र भंडारी, केशर सिंह, रमेश भट्ट, अभिषेक गुसाई, दिपेंद्र सिंह, आशीष थपलियाल आदि रहे।
