मुरादाबाद : जयाप्रदा पर टिप्पणी करने में सपाइयों को झटका, डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज
मुरादाबाद, अमृत विचार। फिल्म अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने में फंसे सपा के कद्दावर नेता आजम खां व मुरादाबाद के सांसद डा.एसटी हसन समेत अन्य आरोपी सपाइयों को कोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों की ओर से चार्जशीट पर आपत्ति जताते हुए दिए गए …
मुरादाबाद, अमृत विचार। फिल्म अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने में फंसे सपा के कद्दावर नेता आजम खां व मुरादाबाद के सांसद डा.एसटी हसन समेत अन्य आरोपी सपाइयों को कोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों की ओर से चार्जशीट पर आपत्ति जताते हुए दिए गए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में रामपुर लोकसभा सीट से सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने फिल्म अभिनेत्री व भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को शिकस्त दी थी। इसके बाद आजम खां के स्वागत में कटघर थाना क्षेत्र स्थित एक इंटर कालेज में जलसे का आयोजन किया गया था। जिसमें आजम खां के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन ने प्रमुख रूप से शिरकत की थी।
इस जलसे में अपने संबोधन के दौरान आजम खां व अन्य सपाइयों ने फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। बाद में कटघर थाने में आजम खां, अब्दुल्ला आजम, डा. एसटी हसन, सम्भल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फरोज खां, रामपुर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन अजहर खां और आयोजनकर्ता आरिश खां के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में फरार चल रहे सम्भल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां सरेंडर कर चुके हैं। जबकि कोर्ट में पेश न होने पर रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।
सुनवाई के बाद खारिज किया डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र
इस मामले में फिर बुधवार को स्थानीय एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। पिछली तारीख को आजम खां व डा. एसटी हसन समेत अन्य आरोपियों ने पुलिस द्वारा भेजी गई चार्जशीट पर आपत्ति जताई थी। अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट को दिए गए प्रार्थना पत्र में सभी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया था। हालांकि अभियोजन की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया था। हवाला दिया गया था कि सांसद डा.एसटी हसन के आवाज के नमूने की रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि उन्होंने जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी को झटका देते हुए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
