हल्द्वानी: गौला में लगाई छलांग, पांच दिन बाद निकली लाश
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में छलांग लगाने वाली लड़की की लाश पांच दिन बाद नदी से बरामद हुई। युवती शादी नहीं करना चाहती थी और घरवालों ने उसका रिश्ता तय कर दिया था। इसी वजह से लड़की ने गौला नदी में कूद कर जान दे दी। पुलिस ने शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में छलांग लगाने वाली लड़की की लाश पांच दिन बाद नदी से बरामद हुई। युवती शादी नहीं करना चाहती थी और घरवालों ने उसका रिश्ता तय कर दिया था। इसी वजह से लड़की ने गौला नदी में कूद कर जान दे दी। पुलिस ने शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नवाबी रोड कुल्यालपुरा निवासी हर्षिता (19) पुत्री स्व.हरीश यहां अपने छोटे भाई व मां के साथ रहती थी। हर्षिता पहले सिडकुल कंपनी में काम करती थी और कुछ समय पहले वो एक लोकल मीडिया से जुड़ी थी। हालांकि करीब डेढ़ माह पहले हर्षिता ने यहां से भी नौकरी छोड़ दी थी। बताया जाता है कि इसी दरम्यान हर्षिता के घरवालों ने उसके लिए रिश्ता तलाशना शुरू कर दिया।
लड़का मिला तो 28 नवंबर को शादी की तारीख भी तय हो गई, लेकिन हर्षिता ये शादी नहीं करना चाहती थी। बावजूद इसके हर्षिता पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। बताया जाता है कि बीते शुक्रवार को भी घर में इसी बात को लेकर हर्षिता की घरवालों से कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद नाराज हर्षिता घर से निकल गई और सीधा काठगोदाम जा पहुंची। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हर्षिता ने गौला नदी में छलांग लगा दी।
एक ऑटो वाले ने इसकी खबर पुलिस को दी। पुलिस ने नदी में तलाश शुरू की, लेकिन हर्षिता का कहीं पता नहीं लगा। बीती रात भी पुलिस ने शव मिलने की सूचना मिली थी, लेकिन शाम हो जाने की वजह से लाश को बाहर नहीं निकाला जा सका। बुधवार को लाश बमुश्किल तेज धारा से बाहर निकाली गई तो उसकी शिनाख्त हर्षिता के रूप में हुई। लाश खेड़ा गांव के पास नदी से बरामद की गई।
रेस्क्यू में लापरवाही से नहीं मिली लाश
हाल में आई दैवीय आपदा का असर नदी में अब भी है। बहाव तेज है और जब बीते शुक्रवार को हर्षिता नदी में कूदी तब बहाव खतरनाक था। सूचना के बाद पुलिस ने तलाश तो शुरू की, लेकिन लाश बरामद नहीं की जा सकी।
नदी के तेज बहाव को देख कर पुलिस मान चुकी थी कि हर्षिता का हल्द्वानी क्षेत्र में मिलना मुश्किल है और संभवत: बहाव के साथ शव बहकर लालकुआं या इससे भी आगे पहुंच गया होगा। इसी वजह से पुलिस का रेस्क्यू थम गया और लाश पांच दिनों तक हल्द्वानी क्षेत्र की गौला में ही पड़ी रही।
