बरेली: खपत बढ़ने के साथ ही मावा में शुरू हुई मिलावट

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बरेली, अमृत विचार। दीपावली के नजदीक आते ही मिलावटखोरी बढ़ गयी है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यापारी मावा में मिलावट कर रहे हैं। कुतुबखाना मंडी से लेकर शहर की कई मंडियों में भी मावा की खपत बढ़ने के साथ उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। मिठाइयां बनाने में भी मावा का प्रयोग …

बरेली, अमृत विचार। दीपावली के नजदीक आते ही मिलावटखोरी बढ़ गयी है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यापारी मावा में मिलावट कर रहे हैं। कुतुबखाना मंडी से लेकर शहर की कई मंडियों में भी मावा की खपत बढ़ने के साथ उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। मिठाइयां बनाने में भी मावा का प्रयोग खूब होता है। मावा कहां से आ रहा है, गुणवत्ता क्या है, इसको लेकर अभी तक एफएसडीए विभाग ने कोई ठोस रणनीति नहीं बनायी है।

परंपरागत तरीके से छापेमारी शुरू कर दी है जो त्योहारी सीजन में की जाती है। बुधवार को कुतुबखाना समेत कई अन्य मंडियों में मावा की खपत और गुणवत्ता को लेकर अमृत विचार ने छानबीन की। मावा बेचने वाले व्यापारियों से बात करने के प्रयास किए लेकिन व्यापारी बताने से पीछे हटते नजर आए। कई व्यापारियों ने कोरोना का बहाना बनाते हुए कारोबार पर मंदी की बात कह दी। जबकि इस बार कोरोना का असर बाजार पर नहीं दिख रहा है। मिठाई की दुकानों पर कारोबारी हजारों क्विंटल मिठाइयां बनाने में जुट गए हैं। मावा का प्रयोग घरों में भी होता है।

तमाम तरह की मिठाइयां घरों में भी बनायी जाती हैं। इसलिए दूध की खपत एकाएक बढ़ती है। इस वजह से दूध में मिलावटखोरी बढ़ती है। कारोबारियों से पूछने पर मालूम हुआ कि देसी और मसाले वाला मावा 240 रुपये किलो बिक रहा है। क्रीम वाला पनीर 200 रुपये और सपरेटा पनीर 160 रुपए प्रतिकिलो तक बिक रहा है। एफएसडीए की टीमें मावा मंडियों में अभी तक नहीं झांकी हैं।

पिछले साल दिवाली पर भरे नमूने हुए थे अधोमानक
पिछले साल दिवाली की अगर बात करें तो एफएसडीए ने 113 नमूने खाद्य पदार्थों के भरे गए थे। जिनको लैब के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट आने के बाद 6 नमूने असुरक्षित और अधोमानक मिले थे। इनमें खोया के दो रिफाइंड, वनस्पति, मिठाई, देसी घी के एक-एक नमूने अधोमानक और असुरक्षित पाए थे। 28 नमूने अधोमानक मिले थे। जिनमें पांच पनीर, पांच दूध, दो सरसों का देल, एक रिफाइंड के नमूने अधोमानक मिले थे।

विभाग की टीमें दिवाली से पहले सक्रिय हैं। लगातार अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर जाकर छापामार कार्रवाई के अलावा नमूने भरने और खाद्य पदार्थों को सील करने की कार्रवाई की गई है। किसी भी प्रकार की मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए हमारी टीमें नजर बनाए हुए हैं। -धर्मराज मिश्र, जिला अभिहित अधिकारी

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