ग्रामीणों का पुलिस पर लगाया अभद्रता का आरोप, घेरी कोतवाली
सितारगंज, अमृत विचार। लोका गांव में वारंटी की गिरफ्तारी को गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए कोतवाली में धरना प्रदर्शन किया। राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की तरफ दी तहरीर पर सत्ता के दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया …
सितारगंज, अमृत विचार। लोका गांव में वारंटी की गिरफ्तारी को गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए कोतवाली में धरना प्रदर्शन किया। राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की तरफ दी तहरीर पर सत्ता के दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्रवाई नही होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
अफसरों ने ग्रामीणों की तरफ से दी गई तहरीर में साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीण बिफर गए। गुरुवार को विभिन्न गांवों से ग्रामीण कोतवाली गेट पर एकत्र हुए। जिसके बाद कांग्रेस, आम आदमी पाटी, भीम आर्मी, सपा, बसपा के पदाधिकारियों की अगुवाई में एएसपी प्रमोद कुमार, एसपी क्राइम मिथलेश कुमार से वार्ता की।
उन्होंने ग्रामीणों की तरफ से पूर्व में दी तहरीर पर कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नही होने पर उन्होंने कोतवाली परिसर में धरना शुरु कर दिया। कांग्रेसी एवं पूर्व विधायक नारायण पाल, नवतेज पाल सिंह, आप नेता अजय जायसवाल, सपा के योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दलित वर्ग के परिवारों के साथ बर्बरता की है। पुलिस बिना जांच-पड़ताल के मुकदमें दर्ज कर रही है।
इस दौरान ग्रामीण महिलाओं की पुलिस से तींखी नोकझोंक भी हुई। जिस पर पुलिस अफसरों ने संयम का परिचय देते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यहां पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, कांग्रेसी करन जंग, शाकिर अली, इश्तियाक अंसारी, रिहान अंसारी, शक्ति त्रिपाठी, भीष्म नारायण, शादाब इदरीशी, सतवंत सिंह मौजूद थे।
सत्येंद्र पर विधायक के गनर से मारपीट का लगा था आरोप
विधायक सौरभ बहुगुणा के भ्रमण के दौरान गोठा गांव के पास ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर दिया था। इस दौरान विवाद हो गया था। विधायक की सुरक्षा में तैनात सिपाही अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि सत्येंद्र और उसके पांच नामजद साथियों ने उनके साथ मारपीट कर वर्दी फाड़ दी। पुलिस ने सुरक्षाकर्मी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर सत्येंद्र को 20 अक्टूबर की रात को ही दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
