रामपुर: जौहर विवि के तीन भवनों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी
रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विवि एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। अब जौहर विवि में चकरोड के दायरे में आए यूनिवर्सिटी के तीन भवनों के ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है। एसडीएम कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट की ओर से दाखिल रिवीजन को खारिज कर निचली …
रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विवि एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। अब जौहर विवि में चकरोड के दायरे में आए यूनिवर्सिटी के तीन भवनों के ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है। एसडीएम कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट की ओर से दाखिल रिवीजन को खारिज कर निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। जिसमें जौहर विवि के कैंपस स्थित कुलपति का आवास, साइंस फैकल्टी के निकट स्थित एक भवन और मेडिकल कालेज का कुछ हिस्सा जद में है।
सपा सरकार जाने के बाद सूबे में आई भाजपा सरकार ने चारों ओर से आजम खां को घेर लिया था। जिले भर के थानों में 86 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। जिस कारण से 26 फरवरी 2020 से आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम खां के साथ सीतापुर जेल में बंद है। अब एक बार फिर से उनका विवि चर्चा में आ गया है।
राजस्व परिषद ने जौहर विवि स्थित चकरोडो पर कब्जा करने के खिलाफ आजम खां द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने जौहर विवि स्थित 17.5 बीघा जमीन का चिन्हिकरण कर उस पर कब्जा ले लिया था। पूरी जमीन को ग्राम समाज के खाते में दर्ज करते हुए इसे आलियागंज के प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। तीन ओर से दीवारों को ध्वस्त कर दिया गया था। किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया था।
इस आदेश के खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2020 तक भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में निगरानी दाखिल करने के आदेश दिए थे। इस पर जौहर ट्रस्ट ने एसडीएम कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया था।
एसडीएम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जौहर ट्रस्ट की रिवीजन को खारिज करते हुए तहसीलदार की कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। शासकीय अधिवक्ता अजय तिवारी ने बताया कि जौहर विवि में गैर कानूनी तरीके से चकरोडों को शामिल कर लिया गया था। चकरोडों को बंद कर उनके अधिकारों का हनन किया गया था।
