बरेली: 20 कारोबारियों के आतिशबाजी के थोक लाइसेंस निरस्त
बरेली, अमृत विचार। तीन माह से आतिशबाजी लाइसेंस का नवीनीकरण होने की उम्मीद लगाए बैठे सौ फुटा, मिनी बाईपास, मॉडल टाउन और राजेंद्र नगर के 20 थोक कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है। एक तरह से दिवाली पर उनके कारोबार पर रोक लगा दी गई। एक-एक दुकान में लाखों रुपये का माल भरा हुआ है। …
बरेली, अमृत विचार। तीन माह से आतिशबाजी लाइसेंस का नवीनीकरण होने की उम्मीद लगाए बैठे सौ फुटा, मिनी बाईपास, मॉडल टाउन और राजेंद्र नगर के 20 थोक कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है। एक तरह से दिवाली पर उनके कारोबार पर रोक लगा दी गई। एक-एक दुकान में लाखों रुपये का माल भरा हुआ है। दिवाली से चंद रोज पहले जिला प्रशासन ने आबादी के नजदीक वाली 20 दुकानों के थोक लाइसेंस निरस्त कर दिए।
सीएफओ समेत पुलिस की रिपोर्ट को आधार मानते हुए जनहित सुरक्षा के दृष्टिगत प्रशासन ने लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की है। इससे कारोबारियों में खलबली मच गयी है। इनमें दिवंगत विधायक केसर सिंह गंगवार के पुत्र विशाल गंगवार का लाइसेंस भी शामिल है। इधर शुक्रवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम प्रदीप रमन की ओर से इज्जतनगर थानाध्यक्ष को निर्देश जारी किए गए हैं कि 20 थोक लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
इज्जतनगर थानाध्यक्ष को आबादी के बीच से आतिशबाजी की थोक दुकानों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कई कारोबारी ऐसे हैं जो भाजपा समेत कई पार्टियों से जुड़े हुए हैं। कारोबारी लाइसेंस निरस्त होने के बाद जनप्रतिनिधियों के यहां के चक्कर काट रहे हैं। बता दें कि सौ फुटा, मिनी बाईपास की थोक दुकानों से बरेली मंडल के फुटकर कारोबारी पटाखों को खरीदकर बेचते हैं। कुमाऊं के कारोबारी तक यहीं से पटाखा लेकर जाते हैं।
यह लिखा है आदेश में
आदेश में लिखा है कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की प्राप्त आख्या 30 सितंबर, पुन: प्राप्त आख्या 20 अक्टूबर तथा अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी तृतीय के संयुक्त हस्ताक्षरों से प्राप्त निरीक्षण आख्या 13 अक्टूबर के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 27 अक्टूबर को सौ फुटा एवं मिनी बाईपास तथा मॉडल टाउन व राजेंद्र नगर क्षेत्र के कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त किए हैं।
इन कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त किए गए
ज्ञान सिंह कुर्मांचल नगर (केताना ट्रेडर्स), शालिनी सिंह सौ फुटा रोड (हितैशी ट्रेडर्स), अंकुश पावा अंबिका बिहार वीरसावरकर नगर सौ फुटा रोड (हरदेश ट्रेडर्स), गुरुप्रीत सिंह रेजीडेंसी गार्डन (सिंह ट्रेडर्स), मुकेश सिंघल बीडीए शॉपिंग काम्प्लेक्स नैनीताल रोड (सिंघल ट्रेडर्स), बीनू गंगवार ग्राम अहमदाबाद (भारत ट्रेडर्स), कंवलप्रीत सिंह मॉडल टाउन निकट हरि मंदिर (साहिब ट्रेडर्स), तजेंद्र पाल सिंह मॉडल टाउन हरि मंदिर (खालसा ट्रेडर्स), प्रतीक शर्मा राजेंद्र नगर (शर्मा जी ट्रेडर्स), आकांक्षा सिंघल दुर्गा नगर फेस प्रथम (महाकालेश्वर ट्रेडर्स), परविंदर सिंह मॉडल टाउन (परमिंदर ट्रेडर्स), विशाल गंगवार सौ फुटा रोड (विशाल भाई पटाखे वाले), अमरीश कुमार ईस्ट हजियापुर (अम्बे स्टोर), सन्नी कपूर मॉडल टाउन स्टेडियम रोड (कपूर एंड संस), पुष्पेंद्र नाथ गुप्ता वीरसावरकरनगर (गुप्ता ट्रेडर्स), रेशमा शाहबाद (मिलन ट्रेडर्स), सतीश कुमार भसीन राजेंद्र नगर (भसीन ट्रेडर्स), सौरभ बाबू मोहल्ला जकराती (पटवा ट्रेडर्स), पारस सूद बड़ा बाजार (सूद जी ट्रेडर्स), कामरान नूरैन फूलवालान थाना किला (नवरंग ट्रेडर्स)।
थोक कारोबारियों ने लाखों रुपये का मंगाया माल
जिन थोक कारोबारियों के पटाखा बिक्री करने के लाइसेंस निरस्त हुए हैं, उन सभी ने बिक्री के लिए लाखों रुपये के पटाखे मंगा लिये। इस बीच लाइसेंस निरस्त होने से उनके सामने यह सबसे बड़ी दिक्कत आ गयी है कि अब वे माल कहां बेचें। अन्य कोई चीज होती तो दूसरी दुकान पर बेच सकते थे लेकिन आतिशबाजी लाइसेंस के बिना नहीं बेची जा सकती है। इससे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।
31 मार्च के बाद नवीनीकरण नहीं, कारोबारियों संग प्रशासन की भी अनदेखी
आबादी के नकदीक दुकानों को शिफ्ट करने के लिए कारोबारियों को 2019 में आदेश हुए थे। 2020 में कोविड काल की वजह से इन्हें जिला प्रशासन ने यह कहते हुए रियायत दी थी कि 31 मार्च 2021 के बाद अपनी दुकानें शिफ्ट कर लें। तब इनके लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ था। 31 मार्च को निकले सात माह हो गए लेकिन न 20 कारोबारियों ने अपनी दुकानें शिफ्ट कीं और न ही जिला प्रशासन ने सुध ली। ऐसी स्थिति में कारोबारी अवैध रूप से दुकानें खोले रहे। जुलाई के बाद कारोबारियों ने नवीनीकरण कराने के लिए कलेक्ट्रेट में फाइलें लगा दीं लेकिन दिवाली नजदीक आते ही फाइलें आगे बढ़ीं।
मुख्य अग्निशमन विभाग से आबादी के नकदीक वाली दुकानों की रिपोर्ट मांगी गयी। सीएफओ ने आबादी के नकदीक दुकानों से जानमाल को खतरा बताते हुए लाइसेंस नवीनीकरण न करने की सिफारिश की। कहा कि दुकानों को शिफ्ट होना ही चाहिए। इस संबंध में आतिशबाजार तत्कालीन जिलाधिकारी नितीश कुमार से मिले। नितीश कुमार ने सीएफओ से पुन: रिपोर्ट मांगी। अन्य अफसरों की रिपोर्ट मंगाई लेकिन कारोबारियों को अंतत: झटका झेलना पड़ा। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कारोबारियों ने गलती की तो जिला प्रशासन ने भी अनेदखी की है। इसका खामियाजा कारोबारियों को ही भुगतना पड़ रहा है।
अस्थाई पटाखा दुकानों के 100 से अधिक के लाइसेंस निरस्त
दिवाली से तीन दिन पहले शहर में 10 स्थानों पर जिला प्रशासन की अनुमति से तीन दिवसीय पटाखा बाजार लगता आया है। कोविड काल में भी लगा था लेकिन इस बार बरेली में जिला प्रशासन में हुए बड़े फेरबदल के बाद व्यवस्थाएं बदल गयीं। अधिकारी जनहित को खतरे में डालने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए 10 स्थानों पर लगने वाले अस्थाई बाजार में 100 से अधिक दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए। इससे माना जा रहा है कि इस बार पटाखा बाजार में भीड़ ज्यादा नहीं होगी। खुले माहौल में लोग पटाखे खरीद सकेंगे। हालांकि नगर मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय की ओर से अभी अस्थायी पटाखा लाइसेंस जारी नहीं हुए न ही पटाखा बाजार की स्थिति स्पष्ट हुई है।
पिछले साल यहां लगा था अस्थाई पटाखा बाजार
- 40 दुकानें मनोहर भूषण इंटर कॉलेज मैदान में
- 25 दुकानें राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में
- 50 दुकानें डीएवी उमावि मैदान में
- 20 दुकानें रामलीला मैदान मॉडल टाउन में
- 40 तुलसी नगर के मैदान में
- 30 दुकानें चौधरी तालाब स्थित रामलीला मैदान में
- 15 दुकानें बीआई बाजार, तिकोनिया कैंट में
- 25 दुकानें रामलीला मैदान हार्टमैन कॉलेज में
- 25 दुकानें सीबीगंज थाना के सामने लोहिया बिहार पार्क में
- 05 दुकानें सदर बाजार में चर्च के पास सड़क किनारे
