हल्द्वानी: सड़क पर बैठे आप कार्यकर्ता, कांग्रेस हटाओ उत्तराखंड बचाओ के लगाए नारे… देखें वीडियो
हल्द्वानी, अमृत विचार। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2021 के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी दलों के प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। रविवार दोपहर जेल चौराहे पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस हटाओ उत्तराखंड बचाओ के नारे लगाए। देखें वीडियो: इस दौरान आसपास से गुजर रहे लोगों ने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2021 के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे सियासी दलों के प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। रविवार दोपहर जेल चौराहे पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस हटाओ उत्तराखंड बचाओ के नारे लगाए।
देखें वीडियो:
इस दौरान आसपास से गुजर रहे लोगों ने चुटकी ली कि लगता है आम आदमी पार्टी ने मान लिया है कि अगली सरकार कांग्रेस की ही आने वाली है। तभी तो भाजपा को हटाने के बजाय कांग्रेस को हटाने के नारे लगाए जा रहे हैं।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता समित टिक्कू के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर बैठे थे। जिनमें पांच साल में उत्तराखंड बदहाल, विधायक बन गए मालामाल, स्वास्थ्य सेवा हुई लाचार, पांच साल में किया बंटाधार जैसे स्लोगन लिखे थे।
प्रदेश प्रवक्ता समित टिक्कू ने कहा कि भाजपा के मेनफेस्टो में कहा था कि रिक्त पदों पर छह माह में भर्तियां हो जाएंगी। हर गांव में सड़क होगी। मेधावी छात्रों को लैपटॉप और स्मार्टफोन दिए जाएंगे। अतिथि व संविदा शिक्षकों को उचित वेतन दिया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। गरीबी रेखा से नीचे जी रहे लोगों के विशेष हेल्थ कार्ड मुहैया कराए जाएंगे। जबकि सरकार पंजीकृत बेरोजगारों में से महज दो प्रतिशत को ही नौकरी दे पाई है। पलायन, बेरोजगारी, खराब सड़कें, सरकारी स्कूलों के बुरे हाल राज्य की पहचान बन गए हैं। मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बांटे गए हेल्थ कार्ड से अस्पतालों में उपचार नहीं मिल रहा है।
इस दौरान दीप पांडे, डीएस कोटलिया, श्रीकांत खंडेलवाल, रमेश कांडपाल, राजीव लोचन, डॉ मुकेश अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, नजाकत, आसिफ, अनीश, शमीम, मोहम्मद नबी, रईस, सुनिल चिन्यारू, जितेंद्र, पंकज, नितिन आर्या, अरुण, शहजाद, एजाज, दीप आर्या, वीरेंद्र, चंद्रा चौहान, गीता अधिकारी, मोहिनी देवी, हेमा देवी, रेहाना, शकीला, मंजू देवी, अनीता, मीना, ममता आदि थे।
