हल्द्वानी: वायु प्रदूषण से बढ़ा कोरोना का खतरा
अभिषेक आनंद, अमृत विचार। दिवाली के दौरान की गई आतिशबाजी की वजह से अब भी धुंध पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है। वायुमंडल में प्रदूषण पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदले माहौल में कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई …
अभिषेक आनंद, अमृत विचार। दिवाली के दौरान की गई आतिशबाजी की वजह से अब भी धुंध पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है। वायुमंडल में प्रदूषण पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदले माहौल में कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
कोरोना वायरस मनुष्य के फेफड़ों पर हमला करता है। सांस लेने में दिक्कत होती है और जब यह बढ़ जाती है तो रोगी की मौत हो जाती है। आतिशबाजी के बाद पर्यावरण अब तक प्रदूषित है। हल्द्वानी में कहीं भी आतिशबाजी को लेकर किसी भी नियमावली का इस्तेमाल होते हुए नहीं देखा गया।
इस वजह से वायु प्रदूषण के कारक पीएम 2.5 और पीएम 10 रिकार्ड मानक क्रमश: 60 और 100 से ज्यादा पहुंच गए। यह दोनों ही कारक मनुष्य को सांस लेने में तकलीफ देते हैं और फेफड़ों पर हमला करते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण कोरोना को बढ़ने में मदद कर सकता है। अगर इससे बचना है तो मास्क का अनिवार्य इस्तेमाल करना होगा और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना होगा।
वाहनों का धुआं भी खतरनाक
ऐसा नहीं है कि वायु प्रदूषण के लिए केवल आतिशबाजी ही जिम्मेदार है। वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से हल्द्वानी समेत मैदानी इलाकों के प्रमुख शहरों में पूरे साल ही सांस लेना मुश्किल हो गया है। यहां वायु प्रदूषण सूचकांक की औसत दर में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों की मात्रा 100 से ज्यादा दर्ज की गई है।
प्रदूषण की वजह से कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए कोविड नियमों का सख्ती के साथ पालन करें।- एनके कांडपाल, जिला संक्रामक रोग विश्लेषक, नैनीताल
