हल्द्वानी: 21 सालों में जन्म और मृत्युदर में सुधरे राज्य के हाल
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड बनने के बाद से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ सुधार भी हुए हैं। यहां जन्मदर और मृत्युदर में बड़ा अंतर सामने आया है। इसके पीछे सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का योगदान है। उत्तराखंड अपनी लचार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है। खासतौर से पहाड़ …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड बनने के बाद से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ सुधार भी हुए हैं। यहां जन्मदर और मृत्युदर में बड़ा अंतर सामने आया है। इसके पीछे सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का योगदान है।
उत्तराखंड अपनी लचार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है। खासतौर से पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाएं दयनीय हाल हैं। बार-बार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की मांग उठती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ बेहतर नतीजे भी सामने आए हैं। राज्य में जन्मदर और मृत्युदर दोनों में ही हाल सुधरे हैं।
सैंपल रजिस्ट्रशन सिस्टम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य निर्माण के बाद जन्मदर, मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में काफी गिरावट आई है। 2001 में जन्मदर 18.4 और मृत्युदर 7.8 थी जो अब घटकर 16.7 और मृत्युदर 6.2 हो गई है।
