यूपी चुनाव: निषाद पार्टी और भाजपा का गठबंधन तय, सीटों को लेकर रस्साकशी
लखनऊ। निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा तो कर दी है लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक भाजपा से उनकी रस्साकशी चल रही है। इसी चक्कर में वे विवादित बयान भी दे रहे हैं, जिससे दोनों दलों की …
लखनऊ। निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा तो कर दी है लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक भाजपा से उनकी रस्साकशी चल रही है। इसी चक्कर में वे विवादित बयान भी दे रहे हैं, जिससे दोनों दलों की खटास बढ़ती जा रही है। भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने दो दिन पहले भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया।
संजय निषाद ने प्रयागराज में कहा था कि राम राजा दशरथ के पुत्र नहीं थे, बल्कि वो श्रृंगी ऋषि की संतान थे। राम को भगवान समझने की क्षमता सिर्फ निषाद राज में ही थी, जो भगवान को पहचान लेता है उसका दर्जा भगवान से भी बड़ा हो जाता है। निषाद राज का यही दर्जा है। साथ ही निषाद को आरक्षण न देने पर आंदोलन करने की घोषणा नौ नवंबर को की थी लेकिन कुछ नहीं किया।
इस तरह के विवादित बयान और सहयोगी दल के खिलाफ आंदोलन की राजनीति से स्पष्ट है कि संजय निषाद दबाव बनाकर अधिक सीट लेना चाहते हैं। उनके विवादित बयान पर अभी तक केवल दो भाजपा नेताओं ने ही तीखीं टिप्पणी की है। कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद बृज भूषण सिंह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की है। फिलहाल केशव ने कहा कि राम के खिलाफ न मैं सुन सकता हूं और न मैं बोल सकता हूं। निषाद पार्टी और भाजपा सहयोगी दल एकजुट हैं और साथ में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
इससे स्पष्ट है कि दोनों दलों के बीच खटास तो बढ़ रही है लेकिन गठबंधन बना हुआ है। जहां तक अधिक सीटों की बात है तो मन मुताबिक सीटें मिलना मुश्किल है। माना जा रहा है कि संजय इस बात भाप चुके है इसलिए सहयोगी दल पर लगातार दबाव बना रहे है। वहीं, पूर्वांचल में निषाद समाज का कई विधानसभा क्षेत्रों में खासा प्रभाव है, ऐसे में भाजपा उनको नाराज भी नहीं करना चाहती। पूर्वांचल से सुहेदलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सपा के साथ गठबंधन कर चुके हैं। ऐसे में भाजपा निषाद को खोना नहीं चाहेगी लेकिन सीटों को लेकर बनी रार कब तक खत्म होगी, इस पर कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
आरक्षण की मांग, ज्यादा सीटें दिलाने का दावा
निषाद पार्टी ने 21 नवंबर को राजधानी में एक बड़ी रैली रखी है। इस रैली में भारी भीड़ जुटाकर निषाद समाज की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। इस रैली में गृहमंत्री अमित शाह को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को उम्मीद है कि शाह इस रैली में आकर निषादों के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे और दावा कर रहे हैं कि भाजपा अगर निषादों को अलग आरक्षण दिए जाने की मांग को पूरा कर देती है तो उसे उम्मीद से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उनका कहना है कि अभी तक आरक्षण पर कोई फैसला नहीं होने से लोग तमाम सवाल उठा रहे हैं।
