लखनऊ: अवैध बिल्डिंग को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण हुआ सख्त

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लखनऊ।  राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण इन दिनों अपने एक्शन मूड में है। एलडीए ने लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित आठ मंजिला बिल्डिंग इमारत को गिराने के आदेश जारी कर दिए हैं। बिल्डिंग डॉक्टर विरेंद्र प्रताप यादव की बताई जा रही है। यह बिल्डिंग सरस्वती पुरम, हैवतमाऊ के प्लॉट नंबर 13 पर बनी है। एल …

लखनऊ।  राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण इन दिनों अपने एक्शन मूड में है। एलडीए ने लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित आठ मंजिला बिल्डिंग इमारत को गिराने के आदेश जारी कर दिए हैं। बिल्डिंग डॉक्टर विरेंद्र प्रताप यादव की बताई जा रही है। यह बिल्डिंग सरस्वती पुरम, हैवतमाऊ के प्लॉट नंबर 13 पर बनी है। एल डी ए ने इस बिल्डिंग मालिक को आदेश दिया है की अगर 16 दिन के अंदर इसमें हुआ अवैध निर्माण तोड़ा गया तो एलडीए द्वारा बुल्डोज़र व ड्रील मशीन चला कर इसके आठवें तल को ध्वस्त किया जाएगा। जोन दो के विहित प्राधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने सुनवाई करते हुए बिल्डिंग गिराने के आदेश दे दिए हैं।

आपको बता दें एलडीए के इस बिल्डिंग को उपाध्यक्ष पीएन सिंह सिंह के समय सील की थी। महीनों से बिल्डिंग सील है और काम भी चलता रहा। लविप्रा के प्रवर्तन से जुड़े अभियंताओं की मिलीभगत से स्वीकृत मानचित्र से अधिक तल बन गए। वह भी बिल्डिंग सील होने के कारण। कुल मिलाकर लविप्रा की कार्यप्रणाली पर जब सवाल खड़े हुए तो फिर कार्रवाई सुस्त गति से शुरू हुई। बिल्डिंग स्वामी को मौका दिया गया, लेकिन विहित प्राधिकारी बिल्डिंग स्वामी द्वारा कोई मजबूत आधार न रख पाने के कारण बिल्डिंग के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश 25 अक्टूबर 2021 को जारी कर दिए गए।

यदि दिए गए समय के अंदर इसको ध्वस्त नही किया गया तो एलडीए अधिकारियों टीम व पुलिस बल साथ हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करेगा। बता दें काफी समय से किसी ना किसी के दबाव से इस बिल्डिंग पर पहले चाहकर भी कार्यवाही नहीं की जा सकी है लेकिन अब देखना यह होगा की ध्वस्तीकरण आदेश की तिथि से सोलह दिन बीतने के बाद लविप्रा कार्रवाई करता है या अन्य ध्वस्तीकरण आदेश की तरह इसे भी फाइलों में बंद कर देता है।

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