बरेली: महंगाई ने बदला किसानों का रुझान, सोलर पंप का दायरा बढ़ा

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बरेली, अमृत विचार। केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की हालत में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन सोलर पंप से जुड़ी पीएम कुसुम योजना ज्यादा मुफीद साबित हो रही। इस योजना में अभी तक 5 और 3 हॉर्सपावर के सोलर पंप पर किसानों को अनुदान मिलता था, अब इसका दायरा बढ़ाकर10 …

बरेली, अमृत विचार। केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की हालत में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन सोलर पंप से जुड़ी पीएम कुसुम योजना ज्यादा मुफीद साबित हो रही। इस योजना में अभी तक 5 और 3 हॉर्सपावर के सोलर पंप पर किसानों को अनुदान मिलता था, अब इसका दायरा बढ़ाकर10 हॉर्सपावर तक कर दिया गया है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि बिजली की बचत और महंगाई के इस दौर में ठीक ठाक अनुदान मिलने की वजह से इसके प्रति किसानों का रूझान तेजी से बढ़ता दिख रहा है।

अनुदान पर किसानों को सोलरपंप देने की यह योजाना वर्ष 2016-17 से चल रही है। पहले अटल सोलर फोटोवोल्टिक सिंचाई पंप योजना के नाम से इसे जाना था। यह योजना सिंचाई विभाग के अधीन थी। बीते साल इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महायोजना (पीएम कुसुम) कर दिया गया। इसमें किसानों को सोलर पंप लगाने को जागरूक करने के साथ 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है। अफसरों के मुताबिक अभी तक इस योजना में किसानों को 5 और 3 हॉर्सपावर क्षमता वाले सोलर पंप पर अनुदान दिया जाता रहा है।

लेकिन किसानों के बढ़ते रूझान को देखते हुए सरकार ने इस दायरे में साढ़े सात और 10 हॉर्सपावर क्षमता के सोलर पंप भी शामिल किए हैं। जिससे बड़ी जोत वाले किसानों को लाभ मिल सके। उप निदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल 177 सोलर पंपों का लक्ष्य मिला था। जो पूरा कर लिया गया। किसानों की मांग को देखते हुए इस बार कृषि विभाग साढ़े सात और दस हॉर्सपावर वाले सोलर पंप भी अनुदान देगा। लेकिन, इसके लिए अभी तक कोई लक्ष्य का निर्धारण नहीं हुआ है। नवंबर महीने के अंत तक लक्षय मिलने की उम्मीद जताई है।

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