अयोध्या: जनसुनवाई के दौरान अफसर नदारद, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

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अयोध्या। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम बुधवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान डीएम व अन्य नदारद रहे अफसरों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरीके से जनसुनवाई नहीं हो सकती है। हालांकि उन्होंने कई पीड़ित महिलाओं से उनकी समस्याएं जानी और कुछ का मौके पर निस्तारण कर दिया। लेकिन …

अयोध्या। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम बुधवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान डीएम व अन्य नदारद रहे अफसरों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरीके से जनसुनवाई नहीं हो सकती है। हालांकि उन्होंने कई पीड़ित महिलाओं से उनकी समस्याएं जानी और कुछ का मौके पर निस्तारण कर दिया। लेकिन कुछ फरियादी महिलाएं ऐसी भी थीं, जिन्हें न्याय नहीं मिला और वह नाखुश होकर दरबार से लौट गई।

बता दें कि मिशन शक्ति फेज तीन के अंतर्गत महिला उत्पीड़न के रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए जनसुनवाई व महिला अपराधों की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में हुई। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने आईसीडीएस अयोध्या के 13 लाभार्थी को ड्राईराशन का वितरण किया। जन सुनवाई में कुल 22 प्रकरण प्रकाश में आए। एक फरियादी महिला ने अपनी शिकायत विमला बाथम को सुनाई।

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इस दौरान विमला ने जब केस की डिटेल व कार्रवाई के लिए संबंधित अफसरों से बात करनी चाही तो मौके पर कोई भी नहीं था। इस दौरान वह भड़क उठीं। उन्होंने पास मौजूद अफसरों से डीएम के बारे में पूछा तो पता चला वह छुट्टी पर हैं। इसके साथ ही अन्य नदारद अफसर एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम के मौके पर न होने से नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि बिना अफसरों के जनसुनवाई कैसे होगी। हालांकि उन्होंने बाद में मोर्चा संभालते हुए पीड़ित महिलाओं की फरियाद सुनीं और कुछ का मौके पर निस्तारण कर दिया। उन्होंने आवासीय विवाद, दहेज प्रथा प्रकरणों को सुना और निराकरण के लिए निर्देशित किया।

मुख्य प्रकरण में अफसरों को किया निर्देशित

  • भूमि विवाद मामले में पहुंची नीलम वर्मा के केस का त्वरित निराकरण करने के लिये अपर जिला अधिकारी वित्त और राजस्व व क्षेत्राधिकारी सदर को निर्देशित किया।
  • घरेलू हिंसा व दहेज-हुसना खातून के मामले के निस्तारण के लिए महिला थानाध्यक्ष को निर्देश दिया।
  • मारपीट-नीतू देवी का पटीदारों से मारपीट का केस था। निस्तारण करने के लिए थानाध्यक्ष पूराकलन्दर को निर्देशित किया।

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