बरेली: रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्थापना में सुरेश चंद शर्मा का योगदान भुला नहीं सकते

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बरेली, अमृत विचार। सुरेश शर्मा नगर स्थित एसएसवी सभागार में सुरेश शर्मा जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि भाजपा नेता अनिल कुमार एडवोकेट और प्रेम सुरेश फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सुधांशु शर्मा ने कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और स्वर्गीय सुरेश चंद शर्मा और स्वर्गीय प्रेम प्रकाश शर्मा के …

बरेली, अमृत विचार। सुरेश शर्मा नगर स्थित एसएसवी सभागार में सुरेश शर्मा जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि भाजपा नेता अनिल कुमार एडवोकेट और प्रेम सुरेश फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सुधांशु शर्मा ने कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और स्वर्गीय सुरेश चंद शर्मा और स्वर्गीय प्रेम प्रकाश शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर की।

गुरुवार को हुए कार्यक्रम में अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा कि बरेली कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में या एक्साइज ऑफीसर के रूप में स्वर्गीय सुरेश चंद शर्मा का व्यक्तित्व बड़ा ही प्रभावशाली था। अनुशासन उनके जीवन का अटूट अंग था। महान संतों के प्रेरणादायी प्रसंगों को जीवन में रचनात्मक रूप देने को सदैव प्रयासरत थे। फाउंडेशन संस्थापक साकेत सुधांशु शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय सुरेश शर्मा समय की वारिधारा को अपने पीछे चलने को बाध्य करने वाले महान परिश्रमी भागीरथ थे।

फाउंडेशन की सह संस्थापक अंजलि शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण बरेली वासी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सुरेश चंद शर्मा द्वारा किये गए आंदोलन को कभी नहीं भूल सकते। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य आकर्षण विद्यालय की छात्राओं द्वारा ’एसिड अटैक पर एक दिन नृत्य नाटिका का आयोजन रहा। जिसमें छात्राओं ने कहा कि किसी को मौत के घाट उतार देने से उसकी पूरी जिंदगी खत्म की जा सकती है।

उसका हाथ-पांव काट देने से उसको अपंग किया जा सकता है लेकिन अगर किसी पर तेजाब डाल दिया जाए तो वह इंसान ना मर पाता है ना ही जी सकता है। इस अवसर पर प्रधानाचार्या ऊषा शर्मा, श्रेय शर्मा, अमोघ शर्मा, पंकज, सर्वेश, मोहन स्वरूप, सौरभ, नीता, वैशाली, पल्लवी, ज्योति, खुशबू, कोमल, अंजली व साक्षी इत्यादि मौजूद रहीं।

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