युवा पीढ़ी नशे की लत से दूर रहकर प्रकृति से बनाये नजदीकी : मनोज मल्होत्रा
बाराबंकी। शहर में धनोखर चौराहे के पास फोटोवाली गली में राजपूत स्टूडियो से मिस्टर बाराबंकी फिर लखनऊ और मिस्टर उत्तर प्रदेश बनने के बाद उनकी कामयाबी का सफर शुरू हुआ। मनोज राजपूत जो अब अभिनेता मनोज मल्होत्रा के रूप में शोहरत हासिल कर चुके है। वे किसी पहचान के मोहताज नहीं, इसके बावजूद उन्होंने अपने …
बाराबंकी। शहर में धनोखर चौराहे के पास फोटोवाली गली में राजपूत स्टूडियो से मिस्टर बाराबंकी फिर लखनऊ और मिस्टर उत्तर प्रदेश बनने के बाद उनकी कामयाबी का सफर शुरू हुआ। मनोज राजपूत जो अब अभिनेता मनोज मल्होत्रा के रूप में शोहरत हासिल कर चुके है। वे किसी पहचान के मोहताज नहीं, इसके बावजूद उन्होंने अपने जिले में आकर पुराने लोगों से काफी सहज होकर मुलाकात करके अपनी 20 वर्षो के फिल्मी सफर की दास्तान सुनाई।
शहर के मोहल्ला रसूलपुर में अपने प्रिय मित्र नवीन सेठ के आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में अपने संघर्षो और कामयाबी के बारे में विस्तार से उपस्थित पत्रकारों को बताते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले देवा में आयोजित मॉडलिंग कम्पटीशन में वो मिस्टर बाराबंकी बने। जिसके सीमा पैलेस जो अब अवध इंटर नेशनल के नाम से जाना जाता है, उसमें आयोजित शो में मिस्टर लखनऊ और फिर मिस्टर उत्तर प्रदेश चुने गये।
मनोज बताते है कि फिर उन्होंने थिएटर में काम किया जिसके बाद फिर मंजिल मिलती चली गयी। ट्रोजेन मूमेंट, साईकिलवाला, चरनदास के बाद सहारा टीवी पर इंद्र धनुष सीरियल के बाद फिर वापस लौट आये। 2003 में फिर वापस गये और बैक टू बैक सीरियल के बाद भोजपुरी फिल्म नयनिया के तीर व नैनवा के बाण जैसी पारिवारिक फिल्मो में अभिनेता के रूप में काम करने का अवसर मिला। लेकिन मनोज यही तक सीमित नहीं रहना चाहते थे, उन्होंने आविनाश वाधवान और रवि किशन के साथ काम करने के बाद फिर दूरदर्शन के सीरियल कामना और फिर राजेश खन्ना जैसे सुपर स्तर अभिनेता के साथ सीरियल शक्ति में काम करने का गौरव हासिल किया।
मनोज मल्होत्रा खुद के अभिनय में पारंगत होते गये तो दर्शक भी उन्हें पसंद करने लग गये। फिर साउथ कि हॉरर फिल्म त्रिवेंद्रम में शूट की। सारिका और मोनालिसा के साथ तेलगु, मलयालम एवं कन्नड़ फिल्मो में की। फिर इस बीच एक दुःखद घटना हुई ज़ब वो देहरादून में टॉप हिल पर शूटिंग कर रहे थे नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से उनके पिता के देहांत की सूचना उन्हें दो दिनों के बाद मिल सकी उस फिल्म का सैटरडे नाईट था। फिर जय माँ वैष्णो में विष्णु देव का रोल और फाइव स्टार चॉकलेट आदिफिल्मे की। 2012 में फिर कलर्स चैनल पर सीरियल रब से सोना इश्क, बिन बिटिया आंगन सूना, 2014 में किस दीन मेरा ब्याह होवेगा, डरना मना है, एजेंट राघव के बादसम्राट और क्रेजी ब्वाय जैसी फिल्मे की।
मनोज हर तरह के रोल को तरजीह देकर उन्हें निभाने की कूबत रखते है। उनका यही टैलेंट उन्हें पॉजिटिव और नरेटिव किरदार निभाने की काबिलियत को दर्शाता है। कन्नड़ और हिंदी में निर्माणाधीन कौशल्या सुमंगला, 2018 में प्रयागराज में शूटिंग के बाद जल्द आ रही केयरलेस में उनके डबल रोल जिसमें दो युगो की बेजोड़ कहानी है दर्शकों कादिल जीतने के लिये तैयार है। फिल्म सिटी में ड्रग से हुई मौत और शाहरुख़ खान के पुत्र आर्यन के बारे में उनका कहना है कि हर जगह दो तरह के लोग होते है। इस पर उन्होंने आज के युवाओं को दिये गये अपने संदेश में कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहते हुए प्रकृति से नजदीकी बनानी चाहिये।
उत्तर प्रदेश खुलने जा रहे फिल्म सिटी का बॉलीवुड में मचा शोर
उत्तर प्रदेश के नोएडा में आधुनिक रूप से तैयार किये जा रहे फिल्म सिटी के बारे में उन्होंने कहा कि नये और पुराने दोनों तरह के कलाकारों और प्रतिभाओ के लिये यह सुनहरा अवसर होगा। लोगो मुंबई जैसे दूर स्थान की जगह अपने प्रदेश में ही काम के अवसर मिलेगे। उन्होंने कहा इस फिल्म सिटी के खुलने का बॉलीवुड में खासा शोर है, जो योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
गुरुनानक के प्रकाश दिवस पर अभिनेता ने बांटा लंगर
फिल्म अभिनेता की अपने धर्म के प्रति आस्था देखने को मिली उन्होंने अपने साथी नवीन सेठ, सुनील सेठ, मेराज खान और अन्य लोगो के साथ धनोखर चौराहे पर लंगर लगा कर प्रसाद वितरण किया। इस आस्था को देखने वाले कहते नजर आ रहे थे कि फिल्म सिटी में होने के बावजूद मनोज मल्होत्रा पर आज भी बाराबंकी को अपने जहन में सजोये हुए है जबकि सफल व्यक्ति पीछे मुड़कर कम् ही देखता है।
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