अयोध्या: भरत यात्रा में 150 साधु-संत चित्रकूट के लिए हुए रवाना, गाजे-बाजे के साथ निकली 48वीं यात्रा
अयोध्या। मणिराम दास छावनी से रविवार को पारंपरिक 48वीं भरत यात्रा चित्रकूट के लिए रवाना हो गई है। 21 से 25 नवंबर तक चलने वाली यात्रा अयोध्या से नंदीग्राम, नंदीग्राम से सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज और वहां से चित्रकूट जाएगी। यात्रा में अयोध्या से डेढ़ सौ साधु गए हैं। यात्रा का उद्देश्य समाज में …
अयोध्या। मणिराम दास छावनी से रविवार को पारंपरिक 48वीं भरत यात्रा चित्रकूट के लिए रवाना हो गई है। 21 से 25 नवंबर तक चलने वाली यात्रा अयोध्या से नंदीग्राम, नंदीग्राम से सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज और वहां से चित्रकूट जाएगी। यात्रा में अयोध्या से डेढ़ सौ साधु गए हैं। यात्रा का उद्देश्य समाज में प्रेम भाव और राम राज्य की स्थापना है। पांचवें दिन चित्रकूट में भरत मिलाप होगा।
भरत यात्रा के आयोजक महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य जन-जन के अंदर समता व समरसता स्थापित करना है। 14 साल की वन यात्रा पर चित्रकूट पहुंचे भगवान श्रीराम को मनाकर अयोध्या वापस लाने के लिए भरत मणिरामदास छावनी से संतों संग यात्रा लेकर अयोध्या से रवाना हुए। यात्रा को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के आशीर्वाद के बाद उनके उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री ने पूजन कर रवाना किया।
इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप का पूजन महंत कमलनयन दास और कृपालुराम दास उर्फ पंजाबी बाबा ने किया। यात्रा में अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष और सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास रामायणी बीमार होने के कारण शामिल नहीं हो सके। महंत रामशरण दास व्यास ने बताया कि यात्रा के साथ दो बसों में 150 संत रवाना हो रहे हैं। यात्रा रवाना होने से पहले मणिराम दास जी की छावनी में भजन और शंखनाद हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकल रही यात्रा को देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
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कहां-कहां है यात्रा का पड़ाव
भरत यात्रा श्री मणिरामदास जी की छावनी से प्रस्थान करने के बाद पहला विश्राम भरत हनुमान मिलन मंदिर नंदीग्राम में होगा। जहां महंत परमात्मा दास संतों का स्वागत करेंगे। दूसरे दिन यह यात्रा सीताकुंड-सुल्तानपुर से सुबह शनिदेव के लिए प्रस्थान करेगी। दोपहर शनिदेव मंदिर से श्रृंगेश्वर पुर धाम रवाना होगी। अगले दिन यह यात्रा चित्रकूट पहुंचेगी, जहां श्री बजरंग गोशाला, नयागांव चित्रकूट में भरतयात्रा का विश्राम होगा। बुधवार को कामदगिरि परिक्रमा श्री भरत मिलाप, देव स्थानों का दर्शन कर रामघाट पर रात्रि भोजन होगा। गुरुवार को भरतकूप समेत मुख्य स्थानों का दर्शन कर यात्रा अयोध्या प्रस्थान के लिए वापसी करेगी।
