बाराबंकी: प्रेस कांफ्रेंस में अलग अंदाज में नजर आए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। पिता पंडित स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ अवस्थी ‘पुत्तू भैय्या’ की विरासत को लेकर राजनीति में कदम रखने वाले भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री  सिद्दार्थ अवस्थी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अलग अंदाज में नजर आएं। वर्तमान में प्रस्तावित कृषि कानूनों को भारत सरकार द्वारा रदद् करने की घोषणा पर रविवार को भाजपा किसान मोर्चा के …

बाराबंकी। पिता पंडित स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ अवस्थी ‘पुत्तू भैय्या’ की विरासत को लेकर राजनीति में कदम रखने वाले भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री  सिद्दार्थ अवस्थी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अलग अंदाज में नजर आएं। वर्तमान में प्रस्तावित कृषि कानूनों को भारत सरकार द्वारा रदद् करने की घोषणा पर रविवार को भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ अवस्थी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सबका साथ,सबका विकास ,सबका विश्वास और सबका प्रयास को फिर से चरितार्थ कर दिखाया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसान हित में लाए गए कृषि कानूनों को आंदोलनरत किसानों को हम समझा नहीं पाए, हमारी तपस्या में कुछ कमी रह गई उनके विचारों को साझा किया।

प्रदेश मंत्री ने कहा कि कृषि और किसान हित में सुधारवादी और प्रगतिवादी फैसले आने वाले समय में जरूर लेंगे।  यह उम्मीद इसलिए है क्योंकि स्वयं प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे कृषि और किसान हित के लिए बड़े सार्थक फैसले आगे भी करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने देश वासियों से भी क्षमा मांगी कि वो किसानों के एक वर्ग को कृषि कानून को समझा नही पाए। यह एक बड़े विशाल हृदय का महा मानव ही कह सकता है। साथ ही उन्होंने ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव के द्वारा उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा विषय में की गई टिप्पणी अखिलेश यादव की सोच और उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाता है। सपा मुखिया अखिलेश यादव का बयान उनकी ब्राह्मण विरोधी कुंठित गंदी मानसिकता को फिर से दिखाया है।

पढ़ें- तीन कृषि कानून: बुधवार को कानून वापसी के लिए विधेयकों को मिल सकती है मंजूरी

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को यह ज्ञात होना चाहिए कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा उनसे शिक्षा ,सामाजिकता और राजनैतिक -सांगठनिक सभी तरह से अव्वल हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी राजनीति का हर एक कदम उनके पिता मुलायम सिंह यादव  की ही देन है। अपने दम पर अखिलेश यादव ने सिर्फ मुलायम सिंह यादव से सपा मुखिया का पद छीना है बाकि सब तो मुलायम सिंह , स्व .अमर सिंह की देन है। अखिलेश यादव को अपनी हीन भावना से छुटकारा लेने की दवाई करनी चाहिए और ब्राह्मण विरोधी बयान और काम बंद करना चाहिए। उप मुख्यमंत्री के बारे में अखिलेश यादव द्वारा की गई ओछी टिप्पणी का उसी भाषा में उत्तर मैं भी दे सकता हूं लेकिन जन्मना और पारिवारिक संस्कार इसकी आज्ञा नही देते। ब्राह्मण को अपमानित करके अगर कोई यह कल्पना भी करता है कि उसको किसी प्रकार की यश कीर्ति या राजनैतिक लाभ मिलेगा तो यह उसकी मूर्खता और मूढ़ता है।

संबंधित समाचार