पीलीभीत: चीनी मिल बंद होने के विरोध में किसानों का गेट पर धरना-प्रदर्शन
बीसलपुर, अमृत विचार। किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करने अपनी पर्ची लेकर सैकड़ों गन्ना कृषक चीनीमिल पहुंच गया। चीनी मिल शुरू होने के चार दिन बीत जाने के बावजूद मिल नहीं चली। चक्का वायलर में खराबी आ जाने से गन्ने की तोल नहीं हुई। यार्ड में खड़े सैकड़ों किसानों ने परेशान होकर चीनी …
बीसलपुर, अमृत विचार। किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करने अपनी पर्ची लेकर सैकड़ों गन्ना कृषक चीनीमिल पहुंच गया। चीनी मिल शुरू होने के चार दिन बीत जाने के बावजूद मिल नहीं चली। चक्का वायलर में खराबी आ जाने से गन्ने की तोल नहीं हुई। यार्ड में खड़े सैकड़ों किसानों ने परेशान होकर चीनी मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसानों ने चीनी मिल शीघ्र चालू कराने की मांग उठाई।
किसान सहकारी चीनी मिल के 44 वें पेराई सत्र का प्रारंभ 18 नवंबर को किया गया था। इसके पश्चात पटले पर गन्ना डालकर पेराई भी शुरु कर दी गई थी। किन्तु गन्ने की पेराई शुरु होने से पहले ही चीनी मिल के बॉयलर में तकनीकी खराबी आ गई। इसलिए मिल का चक्का नहीं घूम सका। चौथे दिन भी मिल के यार्ड में गन्ना आपूर्ति करने आये सैकड़ों किसान लाइन में लगकर परेशान थे। किसान मजदूर संगठन के मंडल अध्यक्ष मो. साबिर उर्फ गुल्लू पहलवान ने कहा कि किसान तीन दिन से खुले आसमान के नीचे ठंड से ठिठुर रहे हैं। चीनी मिल के न चलने से यार्ड में ही ट्रालियों और बैलगाड़ियों की भीड़ लगी है।
किसान गन्ने की तौल न होने की वजह से आक्रोशित हैं। तमाम किसानों ने मिल प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उसके बाद वह धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि पिछले वर्ष भी यही बॉयलर था। उसमें लाखों रुपये मरम्मत के नाम पर लगाए गए। फिर भी खराब हुआ। इसके चलते चीनी मिल सीजन में कई बार कई दिनों तक बंद रही। इस बार भी पेराई सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही मिल का बॉयलर खराब है। इस वजह से चार दिन से चीनी मिल बंद।
धरना-प्रदर्शन करने वालों में सचिन कुमार, रामवीर, सूरज, अमरदीप, विपिन कुमार, कृष्णपाल, राजेश, रमेश, कन्हाई लाल, राजेन्द्र कुमार, हर प्रसाद, राहुल, जगदीश, सोमपाल, तेज बहादुर, प्रदीप, गजेन्द्र शामिल थे। दूसरी ओर किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सिपाही लाल पाल को इस बारे में बात करने के लिए संपर्क किया गया। मगर, उनका नंबर रिसीव नहीं हो पाया।
