बदायूं: बिरिया डांडा में खुरपका, मुंहपका और बुखार की दहशत, दर्जनों पशुओं की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। म्याऊं ब्लाक क्षेत्र में खुरपका, मुंहपका और संक्रमित बुखार पालतू दुधारू पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। संक्रमण की चपेट में आने से एक ही गांव के करीब दो दर्जन पालतू पशु दम तोड़ चुके हैं।कुछ समय तक तो ग्रामीण इसे हल्के में लेकर प्राइवेट पशु चिकित्सकों या देशी इलाज …

बदायूं, अमृत विचार। म्याऊं ब्लाक क्षेत्र में खुरपका, मुंहपका और संक्रमित बुखार पालतू दुधारू पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। संक्रमण की चपेट में आने से एक ही गांव के करीब दो दर्जन पालतू पशु दम तोड़ चुके हैं।कुछ समय तक तो ग्रामीण इसे हल्के में लेकर प्राइवेट पशु चिकित्सकों या देशी इलाज कर रहे थे। कुछ ही दिनों में प्राणघातक रोगों ने आधा दर्जन किसानों का पशुधन छीन लिया है।

हालांकि ब्लॉक स्तर से आई डॉक्टरों की टीम ने बचे हुए पशुओं को देर से ही सही इलाज और जांच शुरू कर दी है। पिछले दो दिन से पशुचिकित्सकों की टीम गांव में जाकर पशुओं का इलाज कर रही है। मामला विकास क्षेत्र म्याऊं की ग्राम पंचायत ईश्वरी नगला चंदपुरा के मजरा बिरियाडांडा का है, जहां एक हफ्ते में ही लगभग दो दर्जन दुधारू पशुओं की मौत हो चुकी है और ग्रामीण हलकान है।

गांव में आई पशु चिकित्सकों की टीम में मौजूद डॉक्टर बच्चू सिंह ने बताया कि खुरपका, मुंहपका के अलावा पशुओं को बुखार भी दुधारू पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। पशुधन की मृत्यु से गांव के कई किसानों के चेहरों पर मायूसी है। कई किसानों के पास तो जीविका का यही साधन है। गांव के ही लेखराज,दलवीर, जयसिंह,अजयपाल, नेकराम, विजय, बालकराम, दुर्वेश, महेश, रामचंद्र, दयाराम, करतार सिंह, रूपेश, अशोक, सत्यपाल, रामबीर, अनुज, वीरसिंह, रतिराम, इकरार, योगेंद्र, श्रीपाल, नरेंद्र आदि किसानों के दुधारू पशुओं कीसंक्रमण के प्रकोप से मौत हो चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में इस बीमारी के प्रकोप से एक दिन में आठ से दस भैंसे दम तोड़ रही हैं। साथ ही एक महीने के अंदर लगभग 135 भैंसों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

खुले में डाल दिए पशुओं के शव
संक्रमण की जानकारी होने के बावजूद लोगों ने पशुओं के शवों को खुले में डाल दिया है जो कि संक्रमण फैलने का सबब बन सकता है। इन पशुओं के मृत संक्रमित शरीर को कुत्ते जंगली जानवर और परिंदे ग्रास बना रहे हैं। जिस कारण इन पशुओं में भी संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

हालांकि खुले में पड़े शवों की जानकारी ग्राम प्रधान विपिन उर्फ मिंटू से ली गई तो उन्होंने बताया कि ब्लॉक से आई टीम के कहने पर आज ही सभी पशुओं के शवों को जमीन में गड्ढा करके दबाया है।

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