हल्द्वानी: जमरानी प्रोजेक्ट के अनुसार होगा नहर का पुनर्निर्माण

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यतीश शर्मा, हल्द्वानी। शहर के बीचों-बीच होकर गुजर रही सिंचाई नहर जल्द ही पूरी तरह से कवर हो जाएगी। लोकनिर्माण विभाग इसके लिए 6.43 करोड़ रुपए की धनराशि सिंचाई विभाग को इस काम के लिए देगा। बजट मिलने के साथ ही सिंचाई विभाग जमरानी प्रोजेक्ट के मानकों के अनुसार नहर का पुनर्निर्माण शुरू कर देगा। …

यतीश शर्मा, हल्द्वानी। शहर के बीचों-बीच होकर गुजर रही सिंचाई नहर जल्द ही पूरी तरह से कवर हो जाएगी। लोकनिर्माण विभाग इसके लिए 6.43 करोड़ रुपए की धनराशि सिंचाई विभाग को इस काम के लिए देगा। बजट मिलने के साथ ही सिंचाई विभाग जमरानी प्रोजेक्ट के मानकों के अनुसार नहर का पुनर्निर्माण शुरू कर देगा। पहले चरण में एसबीआई से नवाबी रोड तक की नहर का पुनर्निर्माण होगा।

नगर निगम कार्यालय के बराबर से गुजर रही नहर जल्द ही जमरानी प्रोजेक्ट के मानकों के अनुसार कवर नजर आएगी। फिलहाल 719 मीटर लंबी नहर जर्जर हालत में है। नहर की सुरक्षा दीवार कई जगह पर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इस वजह से दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। सिंचाई विभाग इस नहर के पुनर्निर्माण के लिए लोनिवि से मिलने वाले 6.43 करोड़ रुपए के बजट का इंतजार कर रहा है। जैसे ही बजट मिलेगा विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा और नहर को कवर करने का काम शुरु हो जाएगा। नहर को पहले पूरी तरह तोड़ा जाएगा और इसके बाद इसका पुनर्निर्माण होगा। इससे पहले हल्द्वानी में जिन नहरों को कवर किया गया है उसमें जमरानी बांध के मानकों का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

अंग्रेजों के जमाने में हुआ था निर्माण
नहर का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में हुआ था। इसके बाद 80 के दशक में इसका पुनर्निर्माण हुआ। कई बार नहर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई और इसे ठीक किया गया। जब हल्द्वानी शहर में खेत खलिहान थे तब यह नहर सिंचाई का प्रमुख साधन थी। बाद में शहरीकरण बढ़ने के बाद यह नगर लोगों के घरों की गंदगी को ढोने लगी और नहर की जगह नाला बनकर रह गई।

प्रीकॉस्ट होगी नहर की छत
नहर के पुनर्निर्माण के बाद उसको पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग प्रीकास्ट छत का प्रयोग करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नहर की छत बनाने के लिए सिंचाई विभाग को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। छत के प्रयोग में आने वाला सामान बाजार में बनेगा और क्रेन की मदद से उसे नहर के ऊपर रख दिया जाएगा।

पंतनगर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने तैयार किया है डिजाइन
सिंचाई विभाग ने इस नहर का डिजाइन पंतनगर विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से तैयार कराया है। जमरानी बांध परियोजना के मुताबिक ही इस नहर की चौड़ाई को .35 मीटर बढ़ाकर चार मीटर किया जाना है। 719मीटर लंबी इस नहर की गहराई को भी बढ़ाया जाएगा। कवरिंग के लिए नहर पर जो छत डाली जाएगी। वह भारी यातायात के हिसाब से डाली जाएगी।

तकनीकी स्वीकृति और लोनिवि से बजट मिलने के बाद टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नहर का पुनर्निमाण शुरु हो जाएगा। लोनिवि से 6.43 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हो चुका है। बस धनराशि मिलने का इंतजार है। – नवीन चंद पांडेय, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग

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