हल्द्वानी: समाजवादी पार्टी नुमाइश के खिलाफ दायर करेगी जनहित याचिका
हल्द्वानी, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी ने हैंडलूम प्रदर्शनी के मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली ‘नुमाइश’ के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है। एमबी इंटर कॉलेज में एक हैंडलूम प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि हैंडलूम के नाम पर होने वाली इस प्रदर्शनी की जिला …
हल्द्वानी, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी ने हैंडलूम प्रदर्शनी के मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली ‘नुमाइश’ के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है।
एमबी इंटर कॉलेज में एक हैंडलूम प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि हैंडलूम के नाम पर होने वाली इस प्रदर्शनी की जिला व राज्य उद्योग और केंद्र के संबंधित सरकारी महकमों को भनक तक नहीं है। इस नुमाइश का ठेका उप्र के मेरठ के एक ठेकेदार को दिया गया है। जिस समय परीक्षाएं आयोजित हो रही है, कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निबटने के लिए तैयारियां की जा रही है, विधानसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में बिना किसी सरकारी विभाग के सहयोग से इस नुमाइश के आयोजन से सभी हैरान व परेशान हैं।
इधर, समाजवादी पार्टी ने प्रशासन और उप्र के ठेकेदार की इस मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है। सपा पदाधिकारियों का दावा है कि कोरोना की दूसरी लहर ने जो तबाही मचाई है वो किसी से छिपी नहीं है। वर्तमान में भी रोजाना सैकड़ों केस आ रहे हैं ऐसे में इस नुमाइश का आयोजन का औचित्य समझ से परे हैं।
हैंडलूम प्रदर्शनी की आड़ में हो रही नुमाइश में कितने हैंडलूम उत्पाद होंगे, कितने स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा गया है। कितने स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा इसका कोई डाटा प्रशासन के पास नहीं है। एक भी सरकारी महकमा इस नुमाइश के आयोजन में सहभागी नहीं है। ऐसे में यदि इस नुमाइश से कोरोना संक्रमण फैलता है तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा। सिर्फ एक ठेकेदार की जेब भरने के लिए नैनीताल या कहें तो पूरे राज्य की जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं।
– डिंपल पांडेय, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी नैनीताल
हैंडलूम प्रदर्शनी में प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है, फूड स्टॉल नहीं लगाए जाते हैं। बड़े-बड़े जानलेवा झूले नहीं लगाए जाते हैं। इस नुमाइश में हैंडलूम के मानकों की धज्जियां उड़ाईं जा रही हैं। दूसरा, प्रवेश के लिए आरटीपीसीर टेस्ट, ट्रूनेट टेस्ट अनिवार्य नहीं की गई है ऐसे में एक भी कोरोना संक्रमित पूरे जिले में कोरोना फैला सकता है। वैसे भी हाईकोर्ट के भी सख्त निर्देश है कि अभी भी ढिलाई नहीं बरती जाए। फिर भी यह हाल है वो भी तब जब हाईकोर्ट नैनीताल जनपद में हैं। इसलिए हमने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है।
– अख्तर अली, महानगर अध्यक्ष समाजवादी पार्टी हल्द्वानी
उद्योग विभाग के अनुसार हैंडलूम प्रदर्शनी के ये होते हैं मानक
= हैंडलूम प्रदर्शनी में कोई भी प्रवेश शुल्क नहीं लगाया जाता है।
= कोविड-19 महामारी के चलते खाने-पीने के स्टॉल वगैरह नहीं लगते हैं।
= हैंडलूम प्रदर्शनी में झूले नहीं लगाए जाते हैं।
