लखनऊ विश्वविद्यालय के 64वां दीक्षांत समारोह में नहीं बनाया गया किसी को मुख्य अतिथि, लविवि के ऐप का हुआ लोकार्पण

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 64वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान 195 छात्र—छात्राओं पदक दिए गए। इसमें मंच से 15 मेडल दिए गए।  लखनऊ विश्वविद्यालय में हुए दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की, वहीं बतौर विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा किसी कारण से नही आ सके। …

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 64वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान 195 छात्र—छात्राओं पदक दिए गए। इसमें मंच से 15 मेडल दिए गए।  लखनऊ विश्वविद्यालय में हुए दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की, वहीं बतौर विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा किसी कारण से नही आ सके। वहीं अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताया।

कुलपति ने कहा आज से  34 हजार 811 छात्र छात्राओं की डिग्रियां डाक द्वारा उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कुलपति ने राज्यपाल को बताया कि अगले 3 दिवस में सभी की डिग्रियां पहुंच जाएगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय से संबद्ध 500 महाविद्यालयों का भी संचालन हो रहा है। कुलपति ने कहा विश्वविद्यालय की ओर से एक वर्ष में 50 से अधिक एमओयू साइन किए गए, जिससे शोध को बढ़ावा मिलेगा। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया।

कार्यक्रम के मौके पर शिक्षकों द्वारा लिखी गई किताबों का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही एन्थ्रोपोलॉजी विभाग के ट्राइबल म्यूजियम व लखनऊ विवि का ऐप का लोकार्पण भी किया गया।

इन्हें मिला मेडल

  • चांसलर सिल्वर मेडल : लवी शुक्ला- पीजी बेस्ट स्टूडेंट व विश्वविद्यालय की वेस्ट वूमेन स्टूडेंट,
  • चांसलर ब्रांज मेडल : इकरा रिजवान वारसी, अभिनव कुमार वर्मा – बेस्ट स्टूडेंट इन बीए अंतिम वर्ष,
  • चांसलर ब्रांज मेडल : मो. अय्यूब अहमद, कुलदीप कुमार पटेल- बेस्ट स्टूडेंट इन बीएससी अंतिम वर्ष,
  • चांसलर ब्रांज मेडल : दिशा मिश्रा, सुहानी कान्याल-बेस्ट स्टूडेंट बीकाम अंतिम वर्ष,
  • चांसलर ब्रांज मेडल : संजय सिंह, श्रद्धा पांडेय-बेस्ट स्टूडेंट बीएफए अंतिम वर्ष
  • चांसलर ब्रांज मेडल : पुनीत देशवाल -बेस्ट स्टूडेंट एलएलबी 5 ईयर
  • चांसलर ब्रांज मेडल : प्रियंवदा शुक्ला-बेस्ट स्टूडेंट इन एलएलबी 3 ईयर

 मेधावियों से बातचीत

  • शिक्षक बनकर इकरा परिवार का नाम करेंगी रोशन

बीए अंतिम वर्ष की छात्रा इकरा रिजवान वारसी को चांसलर्स ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। है। इकरा ने अमृत विचार से बातचीत करते हुए बताया कि वह वह आगे पीएचडी करेंगी और ​ताकि शिक्षक बनकर अपने मा​ता पिता का नाम रोशन कर सकें। इकरा ने बताया कि वह लखनऊ के इंदिरा नगर की रहने वाली हैं उनको पिता रिजवान वारसी मास्क बेचते हैं। बड़ी कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की है।

पढ़ें- लखनऊ विश्वविद्यालय का 64वां दीक्षांत समारोह आज

  • पिछड़ों को समाज की मुख्य धारा में लाएंगे अभिनव

लविवि से संबद्ध जेएनपीजी कॉलेज से पढ़ाई करने वाले बीए तृतीय वर्ष के छात्र रहे अभिनव कुमार वर्मा मूल रूप से सीतापुर स्थित महमूदाबाद के रहने वाले हैं। अभिनव कुमार वर्मा ने अ​मृत विचार से बातचीत करते हुए कहा उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से चांसलर्स ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया है। वह आगे चलकर पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए काम करेंगे। वह सिविल सेवा में जाना चाहते हैं।

  • शिक्षा में करियर बनाना चाहते हैं कुलदीप

बीएससी छात्र कुलदीप कुमार पटेल ने बताया बीएससी के बाद एमएससी और उसके नेट जेआरएफ करके शिक्षा के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं।

  • सुहानी बनेंगी सीएस

चांसलर्स ब्रॉन्ज मेडल पाने वाली सुहानी कन्याल ने अमृत विचार से बातचीत में बताया कि वह कल्याणपुर में रहने वाली सुहानी बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। पिता नरेश कन्याल सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर हैं वह आगे चलकर सीएस या बैंकिंग क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहती हैं।

  • एमबीए कर कैरियर बनाना चाहती हैं दिशा

चांसलर्स ब्रॉन्ज मेडल के साथ सम्मानित हुई दिशा मिश्रा अमेठी रहने वाली हैं यहां रहकर बीकॉम कर रही हैं। अंतिम वर्ष की छात्रा दिशा के पिता मनोज कुमार मिश्रा चंडीगढ़ में नौकरी करते हैं। मां ललिता मिश्रा गृहिणी हैं। दिशा कहती हैं कि कोविडकाल में उनके लिए पढ़ाई बहुत मुश्किल हो गई थी। अब बीकॉम के बाद वह एमबीए करनी चाहती हैं।

  • डिजाइनिंग क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहती हैं श्रद्धा पांडेय

चांसलर्स ब्रॉन्ज मेडल के सााथ सम्मानित हुई गोरखपुर की श्रद्धा बीएफए अंतिम वर्ष में हैं। इससे पहले उन्होंने गोरखपुर के एक कॉलेज से बीएससी किया था लेकिन मन हमेशा से डिजाइनिंग में लगता था इसलिए बाद में एलयू से बीएफए करने की ठानी। आगे चलकर टेक्सटाइल डिजाइनिंग के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहती हैं।

  • डाक द्वारा भेजी जाएंगी 35 डिग्रियां

लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर आनंद मुरारी सक्सेना के मुताबिक इस बार दीक्षांत में 35 हजार डिग्रियां देगा। विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों की डिग्री घर पर डाक के जरिए भेजी जाएंगी।

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