रामपुर: दुष्कर्म पीड़िता से बीस हजार की रिश्वत लेते हुए दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा
स्वार, अमृत विचार। दुष्कर्म पीड़िता के 164 के बयान दर्ज कराने के नाम पर बीस हजार की रिश्वत लेना एक दरोगा को भारी पड़ गया।शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर स्वार थाने में तैनात आरोपी दरोगा महिला से पैसे लेते हुए मौके से पकड़ लिया।उसके बाद सिविल लाइन थाने ले आई। …
स्वार, अमृत विचार। दुष्कर्म पीड़िता के 164 के बयान दर्ज कराने के नाम पर बीस हजार की रिश्वत लेना एक दरोगा को भारी पड़ गया।शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर स्वार थाने में तैनात आरोपी दरोगा महिला से पैसे लेते हुए मौके से पकड़ लिया।उसके बाद सिविल लाइन थाने ले आई। टीम कानूनी कार्रवाई कर रही है। जिसके बाद से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भष्ट्राचार को जड़ से खत्म करने की बात कर कहे है जबकि सरकारी कर्मचारी उनकी इस मुहिम को पलीटा लगा रहे है। जनता की सुरक्षा करने वाली खाकी भी इस बार दागदार हुई है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को कोतवाली स्वार के क्षेत्र से जुड़ा है।आरोप कि कोतवाली में तैनात दरोगा शोकेंद्र सिंह दुष्कर्म पीड़िता के 164 के बयान दर्ज करने के लिए उससे बीस हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
उसने इस बात की शिकायत मुरादाबाद में एंटीकरप्शन टीम से की थी। जिस पर शुक्रवार को टीम नगर पहुंच गई। टीम ने नोटों को स्कैन कर उस पाउडर लगाकर पीड़ित को दे दिए। गुरुद्वारा सिंह सभा के पास पहुंचकर महिला ने दरोगा को फोन कर बुला लिया। महिला से जैसे ही उसे पैसे दिए तब ही एंटी करप्शन टीम ने दारोगा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
दरोगा हक्का बक्का रह गया।एंटी करप्शन टीम दारोगा को आनन-फानन में उठाकर जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाने ले आई।इसके बाद सारी घटना से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया।उसके बाद टीम ने कानूनी कार्रवाई शुरुकर दी है।
कुछ रोज पहले भी लेखपाल भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था
सरकारी विभाग में तैनात अधिकारी, कर्मचारी सुविधा शुल्क के बिना काम नही करना चाहते।अगर उन्हें सुविधा शुल्क नहीं मिले तो वह उत्पीड़न करने से भी बाज नही आते।जिसके चलते जनता का कार्य बिना सुविधा शुल्क दिए बगैर काम पूरा नही होता। कुछ दिन पूर्व लेखपाल दिवाकर राणा ओर उसके साथी को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था।अब एक दरोगा को टीम ने पकड़ लिया। जिसके बाद से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
बेसिक शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग भी हो चुका बदनाम
काम के नाम पर सुविधा शुल्क लेने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी कम नहीं है कई बीईओ भी रिश्वत लेने के मामले में फंस चुके है। कुछ दिनों पहले एक बाबू ने भी पांच हजार की रिश्वत ली थी।लेकिन आनन-फानन में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया था।मौजूदा समय में बाबू एआरटीओ आफिस में तैनात हैं।इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में शिक्षकों के प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर वसूली करने में भी कई स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
दुष्कर्म पीड़िता से 164 के बयान दर्ज कराने के नाम पर स्वार थाने में तैनात बीस हजार रुपये ले रहा था। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके से पकड़ लिया।इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।उसको सस्पेंड भी किया जाएगा। -अंकित मित्तल,पुलिस अधीक्षक
