हल्द्वानी: एलईडी बल्ब के कारोबार से महिलाओं ने की तौबा, यह है वजह

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हल्द्वानी, अमृत विचार। एलईडी बल्ब के कारोबार से महिलाओं ने तौबा कर ली है, जबकि रॉ-मेटेरियल से लेकर बल्ब बनाने तक उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। एक-एक कर महिलाएं जुड़ीं भी। लेकिन किसी ने भी इस कारोबार को शुरू नहीं किया। बाद में इस योजना को ही निरस्त कर दिया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) …

हल्द्वानी, अमृत विचार। एलईडी बल्ब के कारोबार से महिलाओं ने तौबा कर ली है, जबकि रॉ-मेटेरियल से लेकर बल्ब बनाने तक उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। एक-एक कर महिलाएं जुड़ीं भी। लेकिन किसी ने भी इस कारोबार को शुरू नहीं किया। बाद में इस योजना को ही निरस्त कर दिया गया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार के साधन तलाशे जाते हैं। महिलाओं को उसका प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें जागरुक किया जाता है। जिला पंचायत विभाग की ओर से हर ब्लॉक स्तर पर एक टीम इसके लिए सक्रिय रहती है। यह टीम स्वयं सहायता समूह से संपर्क करती है। जिनके माध्यम से रोजगार इच्छुक महिलाओं को खोजा जाता है।

इस मिशन के तहत कई कारोबारों से महिलाएं जुड़ीं भी हैं। कुछ ब्लॉक में एलईडी को लेकर भी महिलाओं ने कारोबार शुरू किया तो इससे प्रेरित होकर हल्द्वानी ब्लॉक के अधिकारियों ने भी इसके लिए महिलाओं को आमंत्रित करना शुरू कर दिया। समूहों के माध्यम से इस कारोबार से जुड़ीं जानकारियों को महिलाओं तक पहुंचाया गया। ब्लॉक अधिकारियों और स्वयं सहायता समूह का यह प्रयास रंग लगाया और तीस महिलाएं इस कारोबार के प्रशिक्षण के लिए तैयार हो गईं। प्रशिक्षण शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद एक भी महिला ने इस कारोबार को शुरू नहीं किया। इसके बाद एलईडी कारोबार की योजना निरस्त कर दिया गया।

क्या रहे कारण
– रॉ-मेटेरियल के लिए दिल्ली जाना
– बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा में मुश्किलें
– गुणवत्ता और अधिक खर्च की समस्या
– मार्केटिंग आसान नहीं होना

एलईडी कारोबार के प्रोजेक्ट को लेकर 30 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था। कुछ दिक्कतों के चलते महिलाओं ने इस कारोबार को शुरू नहीं किया। उनके लिए अन्य कारोबार संबंधित योजनाएं बनाई जा रही हैं।
– डॉ. निर्मला जोशी, खंड विकास अधिकारी

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