अयोध्या में 256 सर्राफा कारोबारी रजिस्टर्ड, अब सभी हॉलमार्क के बोर्ड लगाएंगे
अयोध्या। देशभर के सर्राफा व्यापारी गुरुवार से सिर्फ बीआईएस हॉलमार्क वाले ही ज्वेलरी उत्पाद बेच सकेंगे। बिना हॉलमार्क सोने को बेचने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए शहर के सर्राफा कारोबारियों ने भी कमर कस ली है। उन्होंने ऐलान किया है कि हर दुकानों के बाहर जल्द …
अयोध्या। देशभर के सर्राफा व्यापारी गुरुवार से सिर्फ बीआईएस हॉलमार्क वाले ही ज्वेलरी उत्पाद बेच सकेंगे। बिना हॉलमार्क सोने को बेचने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए शहर के सर्राफा कारोबारियों ने भी कमर कस ली है। उन्होंने ऐलान किया है कि हर दुकानों के बाहर जल्द ही सिर्फ हॉलमार्क वाले उत्पाद बेचने के बोर्ड लगाए जाएंगे।
जिले में आभूषण विक्रेताओं की कुल 756 दुकानें हैं, जिसमें से शहर के 256 विक्रेता रजिस्टर्ड हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने हालमॉर्क वाला ही सोना बेचने का निर्देश जारी दिया था, लेकिन कोरोना काल के कारण व्यापारियों को इसमें छूट देते हुए समयावधि 30 नवंबर 2021 तय कर दी थी। इसी के मद्देनजर अब स्वर्ण व्यापारियों को सिर्फ हॉलमार्क वाले उत्पाद बेचने की इजाजत होगी। सर्राफा मंडल के व्यापारियों ने बकायदा सभी दुकानदारों को इस नियम का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया है।
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सहालग का दौर चल रहा है और बाजारों में सोने की खरीदारी को लगातार लोगों की भीड़ उमड़ रही है। सर्राफा मंडल के पदाधिकारी लोगों से भी अपील कर रहे हैं वह सिर्फ हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही खरीदें। अगर कोई भी दुकानदार आपको बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी देता है या कम पैसों में देने का वादा करता है तो उसकी शिकायत सीधे प्रशासन से करें, ताकि उन पर कार्रवाई हो सके।
क्यों खरीदना जरूरी है हॉलमार्क वाली ज्वेलरी…
बता दें कि ज्वेलरी खरीदते वक्त हॉलमार्क का निशान जरूर चेक करें। अगर निशान न हो तो ज्वेलर से सवाल पूछें और शिकायत भी करें। बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की शुद्धता का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। साथ ही बेचने के वक्त सही दाम मिलना भी मुश्किल होता है। बिक्री के समय हॉलमार्क वाली ज्वेलरी का मूल्य मौजूदा बाजार भाव पर तय होता है। इसलिए हॉलमार्क सर्टिफिकेट वाली ज्वेलरी ही खरीदें।
ग्राहकों से अभी लेंगे बिना हॉलमार्क वाली पुरानी ज्वेलरी: नरेश अग्रवाल
सर्राफा मंडल साकेत के महामंत्री नरेश अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार के नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। जिले में 756 छोटी-बड़ी आभूषणों की दुकानें हैं। जिसमें से शहर की 256 दुकानें रजिस्टर्ड हैं। हालांकि शहर में हॉलमार्क की कोई भी इकाई और इंस्पेक्टर नहीं है। मेरे पास कुछ दिन पहले एक हॉलमार्क इंस्पेक्टर आये थे। उन्होंने हिदायत दी थी कि नियम को हर हाल में लागू करना है। इसलिए हमारे मंडल ने सभी दुकानदारों को सख्ती के साथ नियम को लागू करने को कहा है। जल्द ही सभी दुकानों के बाहर सिर्फ और सिर्फ हॉलमार्क की ज्वेलरी बेचने के बोर्ड भी लगेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अपना पुराना जेवर बदल कर नया खरीदते हैं। ऐसे में उनका पुराना बिना हॉलमार्क वाला आभूषण खरीदा जाएगा।
