लखनऊ: 69 हजार शिक्षक अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ। राजधानी में 69000 शिक्षक भर्ती लगातार अपनी मांगों को लेकर लड़ाई में जुटे हैं। इसी होड़ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने एससीईआरटी कार्यालय से निशातगंज पुल की ओर जाकर प्रदर्शन करते हुए मौजूदा योगी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए नारेबाजी की। बता दें, शिक्षकों की मांग है कि 22,000 और सीटों को जोड़ा जाए। …
लखनऊ। राजधानी में 69000 शिक्षक भर्ती लगातार अपनी मांगों को लेकर लड़ाई में जुटे हैं। इसी होड़ में शिक्षक अभ्यर्थियों ने एससीईआरटी कार्यालय से निशातगंज पुल की ओर जाकर प्रदर्शन करते हुए मौजूदा योगी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए नारेबाजी की।
बता दें, शिक्षकों की मांग है कि 22,000 और सीटों को जोड़ा जाए। इसी मामले को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी विगत 5 माह से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शन के बीच शिक्षक अभ्यर्थियों और पुलिस में प्रदर्शन को लेकर तीखी झड़प भी हुई। शिक्षक अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन में एक बैनर भी दिखाया जिस बैनर में लिखा है “बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ और फिर बेटी को टंकी पर चढ़ाओ,योगी जी के राम राज्य में योग शिक्षक अभ्यर्थी लाचार”।
इतना ही नहीं शिक्षक अभ्यर्थी भीड़ में शामिल एक युवक ने योगी का वह वीडियो भी दिखाया जिसमें योगी कह रहे हैं,बेसिक शिक्षा में हमें भर्ती करनी है लेकिन हमारे पास योग्य लोग ही नहीं हैं जो आकर के इस कंपटीशन को फाइट कर सकें और योग शिक्षक के रूप में अपने आप को स्थापित कर सकें।
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शिक्षकों का कहना है कि 5 महीने से हम लगातार धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार ने हमारी मांगों को नहीं माना है और मजबूरन हमको पुल पर बैठना पड़ा। उनका यह भी कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मान लेती तब तक हमारा यह धरना चलता रहेगा और अभी तक मौजूदा सरकार का कोई भी नेता या मंत्री हमसे नहीं मिलने आया है। जबकि विपक्ष के कई नेताओं ने स्वयं चल कर हम सभी से मुलाकात की है।
हमारी लीगल और न्यायिक मांग है कि 1,37000 जो रिक्त पद हैं उनको 69000 पदों से जोड़ा जाए साथ ही शिक्षकों का कहना है कि अधिकारियों ने 90 नंबर वालों को नौकरी दे दी और 115 नंबर वाला आज सड़कों पर धक्के खा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि हमारी लड़ाई अब हर घर तक पहुंच चुकी है अगर समय रहते हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया। तो हम आने वाले विधानसभा 2022 के चुनाव में सरकार के खिलाफ निगेटिव प्रचार भी करेंगे।
