बरेली: अखिल भारतीय सर्वेक्षण में शामिल होंगे महाविद्यालय
बरेली, अमृत विचार। उच्च शिक्षा में अखिल भारतीय सर्वेक्षण 1 दिसंबर से शुरू हो गया है। इसमें सभी महाविद्यालयों को भाग लेना होता है। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों व प्रबंधकों से सर्वेक्षण में शामिल होकर डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। 22 …
बरेली, अमृत विचार। उच्च शिक्षा में अखिल भारतीय सर्वेक्षण 1 दिसंबर से शुरू हो गया है। इसमें सभी महाविद्यालयों को भाग लेना होता है। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों व प्रबंधकों से सर्वेक्षण में शामिल होकर डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। 22 फरवरी 2022 तक सभी महाविद्यालयों को ऑनलाइन डीसीएफ (डाटा कैप्चर फार्मेट) ḥअपलोड करना होगा।
कुलसचिव के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा 1 दिसंबर से 2021-22 के अखिल भारतीय सर्वेक्षण की शुरुआत की गई है। इसके तहत महाविद्यालय का डीसीएफ संबंधित वेबसाइट पर जल्द से जल्द अपलोड करें। वेबसाइट पर सर्वेक्षण का प्रारूप व अन्य जानकारी उपलब्ध हैं।
अन्य सर्वेक्षण संबंधी जानकारी व किसी भी तकनीकी सहायता के लिए नोडल अधिकारी एआईएसएचई की ईमेल आईडी से संपर्क कर सकते हैं। जिन महाविद्यालयों ने वेबसाइट पर पंजीकरण करा रखा है वह पुराने लॉगइन व पासवर्ड का उपयोग कर डाटा अपलोड कर सकते हैं। जिन महाविद्यालयों ने अभी तक पंजीकरण नहीं किया है, वहां के प्राचार्य जल्द से जल्द नोडल अधिकारी नियुक्त कर विश्वविद्यालय में संपर्क करें। यह कार्यवाही 31 दिसंबर तक पूर्ण कर ली जाए।
जानकारी के मुताबिक इस सर्वेक्षण में महाविद्यालयों को अपने यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम, शिक्षकों व कर्मचारियों की संख्या व अन्य कार्यों की जानकारी देनी होती है। इसके अलावा वित्तीय जानकारी देनी होती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रमाणपत्र दिया जाता है। इससे ही छात्रों की छात्रवृत्ति मिलती है। नैक मूल्यांकन में भी तीन साल का प्रमाण पत्र दिखाना होता है। बीते वर्ष रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 80 फीसदी महाविद्यालयों ने इसमें हिस्सा लिया था।
कोरोना की वजह से 20 फीसदी महाविद्यालय शामिल नहीं हो सके थे। कई बार 100 फीसदी भी महाविद्यालय सर्वेक्षण में शामिल हुए हैं। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद उच्च शिक्षा से जुड़ी रिपोर्ट जारी की जाती है। जैसे कितने छात्र पंजीकृत हैं, स्नातक और परास्नातक में कितने छात्र हैं। इसके अलावा अन्य विस्तृत जानकारी रिपोर्ट में होती हैं।
