खटीमा: भारत-नेपाल सीमा में जलभराव का जायजा लेने उतरा प्रशासनिक अमला

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खटीमा, अमृत विचार। भारत नेपाल सीमा से लगे सिसैया बंधा गांव में शारदा सागर से हुए जलभराव को लेकर आज पूरे दिन सरकारी अमला गांव में जमा रहा। वहीं जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के समस्या सुनने पहुंचे। उप जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को तलब कर उन्हें तत्काल पानी कम कराने के निर्देश …

खटीमा, अमृत विचार। भारत नेपाल सीमा से लगे सिसैया बंधा गांव में शारदा सागर से हुए जलभराव को लेकर आज पूरे दिन सरकारी अमला गांव में जमा रहा। वहीं जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के समस्या सुनने पहुंचे। उप जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को तलब कर उन्हें तत्काल पानी कम कराने के निर्देश दिए। इधर प्रशासन की ओर से ढाई सौ परिवारों को राशन की किट वितरित की गई।

सिंचाई विभाग द्वारा शारदा सागर में पानी भरे जाने से सागर के क्षेत्र में ही बसे सिसैया बंधा गांव के परिवारों के घरों में चौके चूल्हे तक पानी भर गया है। इस संबंध में खबर छपने के साथ ही शासन-प्रशासन हरकत में आया। आज सुबह उप जिलाधिकारी बिष्ट ने गांव में जाकर नाव से गांव का भ्रमण किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। गांव में रह रहे परिवारों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग के एसडीओ राजकुमार और जेई अतुल कुमार को तलब किया।

उन्होंने गांव के परिवारों की स्थिति उन्हें दिखाते हुए कहा कि वह तत्काल पानी कम करने की व्यवस्था करें। अलबत्ता सिंचाई विभाग के अधिकारी एक सप्ताह बाद पानी कम होने की बात कर रहे थे लेकिन उन्होंने दो-तीन दिन में पानी कटाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार युसूफ अली और प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय खटीमा किशोर राणा ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवारों की सूची तैयार कराई और शाम के समय ढाई सौ परिवारों को राशन की किट वितरित की गई।

तहसीलदार अली ने कहा कि जिन परिवारों को फिट नहीं मिल सकी है उन्हें कोटेदार के जरिए उपलब्ध करा दी जाएगी। सुबह से गांव में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों में नवीन बोरा, दान सिंह धामी, मनोज शाही कन्हैया लाल, लेखपाल आशा बिष्ट, अंकित सक्सेना भी शामिल रहे।

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