ओमीक्रोन के खिलाफ कारगर हथियार साबित होगा टीकाकरण: धीमान

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लखनऊ। संजय गांधी पोस्‍ट इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) के निदेशक डॉ आरके धीमान ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के विरूद्ध सबसे कारगर हथियार टीकाकरण साबित होगा। डॉक्‍टरों के आंकलन अनुसार इस नए वैरिएंट की संक्रमण दर भले ही ज्‍यादा हो पर यह डेल्‍टा की तुलना में ज्‍यादा खतरनाक नहीं है। उन्‍होंने …

लखनऊ। संजय गांधी पोस्‍ट इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) के निदेशक डॉ आरके धीमान ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के विरूद्ध सबसे कारगर हथियार टीकाकरण साबित होगा। डॉक्‍टरों के आंकलन अनुसार इस नए वैरिएंट की संक्रमण दर भले ही ज्‍यादा हो पर यह डेल्‍टा की तुलना में ज्‍यादा खतरनाक नहीं है।

उन्‍होंने कहा विशेषज्ञों के आंकलन के अनुसार डेल्‍टा की तुलना में इस नए वैरिएंट से मृत्‍यु दर की बढ़ने की संभावना कम है। उन्‍होंने कहा कि तीसरी लहर के प्रकोप से बचने के लिए जल्‍द से जल्‍द टीकाकरण करने के साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने की जरूरत है। इस बीच उत्तर प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के चलते टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

वहीं, कम समय में तेजी से टीकारकण करने वाले यूपी में अब तक 76.89 प्रतिशत पात्र लोगों ने पहली और 35.03 प्रतिशत पात्र लोगों ने दूसरी डोज का टीका कवर प्राप्‍त कर लिया है। प्रदेश में अब तक 16 करोड़ 66 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिसमें 11 करोड़ 40 लाख से अधिक लोगों को पहली और 5 करोड़ 26 लाख से अधिक लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। वहीं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से एक प्रभावी रणनीति के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है।

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जिसके सफल परिणाम प्रदेश में देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश सरकार टीकाकरण न कराने वाले लोगों की संख्‍या को सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। प्रदेश में लोगों ने अपनी पहली खुराक ली है, वे अपनी दूसरी खुराक भी लें इसके लिए उनको प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही गांवों में चल रहे डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य टीम लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्‍साहित करने का कार्य कर रही हैं। इसके साथ टीकाकरण से जुड़े सभी मिथकों को दूर कर रहीं हैं।

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