बरेली: जूम एप से हाजिरी लगवाई, 53 कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई

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बरेली, अमृत विचार। ब्लाक में ड्यूटी को लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सीडीओ ने सख्त कार्रवाई की है। जूम ऐप पर आनलाइन बैठकों के अलावा उपस्थिति दर्ज कराने की पहल शुरू की तो कर्मचारियों ने शुरू में औपचारिकता निभाई लेकिन समीक्षा में लापरवाही उजागर होने पर जब सीडीओ ने 53 कर्मचारियों को नोटिस दिया …

बरेली, अमृत विचार। ब्लाक में ड्यूटी को लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सीडीओ ने सख्त कार्रवाई की है। जूम ऐप पर आनलाइन बैठकों के अलावा उपस्थिति दर्ज कराने की पहल शुरू की तो कर्मचारियों ने शुरू में औपचारिकता निभाई लेकिन समीक्षा में लापरवाही उजागर होने पर जब सीडीओ ने 53 कर्मचारियों को नोटिस दिया तो खलबली मच गई। यह सभी कर्मी नियत समय के बाद दफ्तर पहुंचे थे। अगली बार जांच पड़ताल में लापरवाही उजागर होने पर इनको निलंबन की चेतावनी भी दी गई है।

दरअसल, ब्लाकों में तैनात तकनीकी सहायक, एपीओ, कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर अन्य कर्मियों के देरी से पहुंचने की शिकायत अक्सर अफसरों तक पहुंचती थी। ग्रामीण आरोप लगाते थे कि कर्मी सुबह समय से नहीं पहुंचते जिसकी वजह से उनको दिक्कत का सामना करना पड़ता था। आए दिन मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी। कुछ इस तरह की तमाम शिकायतें पहुंचने पर सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने हकीकत परखने को जूम ऐप से हाजिरी की व्यवस्था को शुरू कर दिया।

खुद मानीटरिंग करने के साथ ही जिला विकास अधिकारी सीपी श्रीवास्तव को सुबह 10:30 बजे तक कर्मचारियों की उपस्थिति चेक करने की जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान 53 कर्मचारियों की लेटलतीफी की पोल खुल गई। मौखिक चेतावनी से लेकर लिखित चेतावनी और एक दिन का अवकाश काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कई को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया गया है।

ऐसे कराया चेक
बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाने के बाद अक्सर कर्मचारियों के गायब रहने की शिकायत रहती थी। लेकिन कोरोना काल में बायोमेट्रिक की सुविधा बंद हुई तो कर्मचारी बेपरवह हो गए। उनको लगता था कि वह अफसरों की नजर से बच निकलेंगे लेकिन कार्यालय लेट पहुंचने की अक्सर शिकायत मिलने पर जब जूम ऐप की व्यवस्था को सीडीओ ने शुरू कराया तो उनका खेल पकड़ा गया।

इन पर की गई कार्रवाई
शेरगढ़ ब्लाक के प्रेमपाल, राजेंद्र पाल, योगेंद्र कुमार, आरपी लाल, राम बहादुर, आलमपुर जाफराबाद के सुधाकर मिश्रा, विमल कुमार, बिथरीचैनपुर के गुरुवचनदास, सुधीर कुमार, पंकज सक्सेना, इमाम अख्तर, दमखोदा के मुलायम सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नत्थूलाल, नीरज यादव, फिरोल अली, मदनलाल, भुता ब्लाक के अजीम इकबाल, रामचंद्र मौर्य, रविंद्र कुमार, अभिदीप अग्रवाल, रामनगर ब्लाक के महेंद्रपाल, दिवाकर, अंशुल कुमार, फरीदपुर के धर्मेंद्र कुमार, विवेक कुमार, फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक के महावीर, सुनील, भदुपरा के देवेंद्र सिंह, बनवारी लाल यतेंद्र पाल, क्यारा के मनोज सक्सेना, नवल गुप्ता, राजेश कुमार, मझगवां के संजीव कुमार, गौरव, कुश्वेंद्र, मीरगंज के कुलदीप, राजीव, सुहैल, महेशपाल, धर्मेंद्र कुमार, मुख्त्यार हुसैन, श्याम सुंदर, अजमज अली, नवाबगंज के अरिवंद, जितेंद्र पाल, अबरार खां, रामकिशन, देवेंद्र कुमार, नंदकिशोर और बहेड़ी ब्लाक के मो. असलम, तेजपाल गंगवार शामिल हैं।

वर्जन- ब्लाकों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति जूम ऐप के जरिए पिछले महीने लगातार 20 दिन तक चेक कराई गई। इसमें 53 कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। मौखिक व लिखिक चेतावनी के साथ ही कई पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। विकास भवन में बायामेट्रिक से हाजिरी व्यवस्था बंद होने से यहां भी निगरानी की जा रही है। अबकी जांच में लापरवाही उजागर होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। —चंद्र मोहन गर्ग, सीडीओ

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