हल्द्वानी: मेडिकल कॉलेज में अनुशासन समिति ने लिया निर्णय, मारपीट के दोषी छात्रों को हॉस्टल से निकाला
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में सोमवार को छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट के मामले में मेडिकल कॉलेज की अनुशासन समिति ने बैठक में कार्रवाई करने का निर्णय लिया। दोषी पाए जाने वाले दो छात्रों को हॉस्टल से निकाले जाने और प्रोबेशन के आधार पर उनको परीक्षा में बैठने देने समेत …
हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में सोमवार को छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट के मामले में मेडिकल कॉलेज की अनुशासन समिति ने बैठक में कार्रवाई करने का निर्णय लिया। दोषी पाए जाने वाले दो छात्रों को हॉस्टल से निकाले जाने और प्रोबेशन के आधार पर उनको परीक्षा में बैठने देने समेत कई अन्य बिंदुओं पर निर्णय लिया।
सुभारती कॉलेज देहरादून के छात्र-छात्राएं भी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अध्ययन कर रहे हैं। सोमवार को सुभारती कॉलेज के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र व राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों के बीच सोमवार को मारपीट हो गई थी। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में अनुशासन समिति की बैठक में मारपीट के मामले में सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। तय किया गया कि इस तरह की घटनाओं से मेडिकल कॉलेज की छवि खराब होती है। मेडिकल छात्रों को गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। जो नियम बनाए गए हैं उनका पालन करना चाहिए। कुछ छात्रों ने उन नियमों का पालन नहीं किया है। इसलिए उन पर कार्रवाई की जाए।
प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि कॉलेज के अंदर अराजकता का माहौल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच कराई जाएगी, लेकिन जब तक उस जांच की रिपोर्ट नहीं आती तब तक तत्काल प्रभाव से दोषी छात्रों को हॉस्टल से निकाला जा रहा है और साथ ही प्रोबेशन के आधार पर उनको परीक्षा में बैठने देने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में ये निर्णय लिए गए
1-विभागीय जांच होगी जो चार दिनों में रिपोर्ट जारी करेगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे।
2-दोषी पाए जाने वाले मेडिकल छात्रों के अभिभावकों को बुलाया जाएगा
3-कैंपस के अंदर वाहनों को रखने पर कार्रवाई की जाएगी।
4-दोषी मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनको हॉस्टल से निकाला जाएगा।
5-फरवरी और मार्च होने वाली परीक्षाओं से भी उन्हें हटाया जा सकता है।
6-दूसरे पक्ष के मामले की भी जांच की जाएगी अगर कोई दोषी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रैगिंग प्रकरण से इंकार
प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने कहा कि समिति अभी इस प्रकरण को रैगिंग से जोड़कर नहीं देखती है। हालांकि जांच के बाद जो भी रिपोर्ट सामने आएगी उसके आधार कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि मारपीट के बाद एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्रों ने रैगिंग का आरोप लगाया था।
पीड़ित छात्र भी दंड भुगत चुका
दूसरे पक्ष का पीड़ित छात्र कुछ माह पहले अनुशासनहीनता में दंड भुगत चुका है। इसलिए विभागीय टीम हर पहलू पर जांच करेगी। विभागीय टीम पीड़ित छात्र की भी जांच करेगी और दोषसिद्ध होने पर उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
