लखीमपुर-खीरी: खरीद के नाम पर चार साल से हो रहा बैंकों में फर्जी खाता खोलकर करोड़ों का खेल

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। धान व गेहूं खरीद खरीद के नाम पर भले ही जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में घोटाले का जिन्न इस बार बाहर आया हो, लेकिन यह घोटाला जिले में पिछले चार सालों से चल रहा था। जिला सहकारी बैंक के सूत्रों ने बताया कि इससे पहले के भी चार वर्ष में बड़े …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। धान व गेहूं खरीद खरीद के नाम पर भले ही जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां में घोटाले का जिन्न इस बार बाहर आया हो, लेकिन यह घोटाला जिले में पिछले चार सालों से चल रहा था। जिला सहकारी बैंक के सूत्रों ने बताया कि इससे पहले के भी चार वर्ष में बड़े पैमाने पर फर्जी खाते खोलकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी।

इधर तिकुनियां की जिला सहकारी बैंक में फजीर् खाता खोलकर करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में जांच के नाम पर सिफर् खानापूरी का जा रही है। हफ्ते भर बाद भी न तो घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई और न ही उनके खिलाफ कोई कारर्वाई हुई। जिला सहकारी बैंक प्रशासन ने निलंबन और स्थानांतरण कर कारर्वाई की इतिश्री कर ली है।

जिला सहकारी बैंक के एक उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि तिकुनियां की जिला सहकारी बैंक शाखा में फजीर् ग्रामीणों का खाता खोलकर पिछले व गेहूं और धान खरीद में करोड़ों रुपये का हेरफेर करने का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी बड़े पैमाने पर खेल हुआ है। सहकारिता विभाग के अलावा अन्य खरीद एजेंसियों के क्रय केंद्रों के जरिए माफियाओं ने अधिकारियों और सत्तापक्ष के नेताओं के संरक्षण में गेहूं और धान की खरीद की और ग्रामीणों के खातों को खुलवाकर उसमें आई रकम को बंदरबांट कर लिया।

इनमें कुछ खाते ऐसे थे, जो ग्रामीणों की सहमति से खुले थे। उन्होंने बताया कि यदि पिछले चार सालों के दौरान हुई खरीद की निष्पक्ष तरीके से जांच हो तो इस घोटाले में कई सत्तापक्ष के नेता, अधिकारी और कमर्चारियों के साथ बड़े माफियओं पर कानूनी शिकंजा कस जाएगा। शायद यही वजह है कि पिछले वषर् 2020 में हुई गेहूं खरीद मामले में जिला सहकारी बैंक शाखा तिकुनियां से करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने के बाद अधिकारी बेचैन हैं।

सूत्र बताते हैं कि उन्हें अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर वह क्या करें और खुद भी कैसे बचें। जांच टीम में कुछ अधिकारी ऐसे भी शामिल किए गए हैं, जो इस घोटाले के दौरान वह तहसील व जिला मुख्यालय में तैनात थे। शायद यही वजह है कि जांच के नाम पर अधिकारी सिफर् खाना पूरी कर रहे हैं, क्योंकि हफ्ते भर से प्रकरण की चल रही जांच अभी तक जहां थी वहीं है। वह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।

एसआईटी करे जांच तो खुलेंगे कई राज
तिकुनियां में फजीर् खाता खोलकर करोड़ों रुपये के घोटाला के बाद जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं व धान खरीद में घोटाला होने की आशंका बढ़ गई है। प्रगतिशील समाजवादी पाटीर् (लोहिया) के प्रदेश महासचिव राजीव गुप्ता का कहना है कि शासन इस मामले की जांच के लिए अपने स्तर पर स्पेशल जांच टीम गठित करें।

टीम में पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। यह टीम सहकारी समितियों के क्रयकेंद्रों के साथ ही जिले में हुई अन्य सरकारी एजेंसियों की खरीद की जांच करें तो कई बड़े माफियाओं के चेहरे भी बेनकाब होंगे। वह इस मसले के लेकर जनहित याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।

जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी

जांच में अभी लगेगा वक्त एडीसीओ
अपर जिला सहकारी अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में अभी काफी समय लगेगा। शिकायतकतार्ओं, खाता धारकों के बयान दजर् किए जाएंगे। 250 से अधिक खाते हैं। सभी खातों की जांच कराई जा रही है। इसलिए अभी काफी समय लगेगा। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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