चीन की चुनौती

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Edited By Amrit Vichar
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चीन के संस्थानों में पारदर्शिता का अभाव है और वो गोपनीयता के माहौल में काम करती हैं। उसकी सैन्य क्षमताओं का पता लगा पाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड, मूल्यांकनों और अध्ययनों के ज़रिए ही हमें ये पता चल पाता है कि चीन की दीवार के पीछे क्या चल रहा है। चीन …

चीन के संस्थानों में पारदर्शिता का अभाव है और वो गोपनीयता के माहौल में काम करती हैं। उसकी सैन्य क्षमताओं का पता लगा पाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड, मूल्यांकनों और अध्ययनों के ज़रिए ही हमें ये पता चल पाता है कि चीन की दीवार के पीछे क्या चल रहा है। चीन की साम्राज्यवादी नीतियों के चलते भारत को नई रणनीतिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। चीन की आक्रामक मंशा पीएलए की वायु सेना के अभियानगत बुनियादी ढांचे में तेजी से हो रही वृद्धि में दिखाई दे रही है।

भारत के सुरक्षा परिदृश्य में बहुआयामी खतरे और चुनौतियां शामिल हैं। चीन का बढ़ता दायरा निश्चित रूप से आर्थिक क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाएगा। चीनी और पाकिस्तान वायुसेना ने अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को उन्नत करना जारी रखा है। बुधवार को वायुसेना प्रमुख विवेक राम चौधरी ने कहा चीन ने भारत के रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक चुनौती पेश की है। चीन तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में तेजी से वृद्धि कर रहा है। उत्तरी सीमा पर चीनी सेना का बढ़ता खतरा है, तो हिन्द महासागर में तेजी से बढ़ती उसकी सैन्य मौजदूगी भी चिंताजनक है।

भारत को लद्दाख में सेना तैनाती को और अधिक स्थायी बनाना होगा। चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में भारत को संतुलन बनाना होगा। भारत ठोस सैन्य रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर इस चुनौती को संभाल सकता है। चीन को प्रत्युत्तर न केवल भारत के रणनीतिक मुकाबले को आकार देगा, बल्कि उन देशों के हितों में भी होगा, जिनकी सक्षम और मजबूत भारत के निर्माण में हिस्सेदारी है।

अब भारत को दुनिया को दिखाना होगा कि वह चीन के बढ़ते राजनीतिक-सैन्य प्रभाव को रोकने के लिए राजनीतिक रिश्ते बनाने को तैयार है और लगातार सैन्य क्षमता विकसित कर रहा है। इसी के चलते अमेरीका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इस आधार पर भारत से रणनीतिक संबंधों को गहरा किया है कि सक्षम भारत चीन के सैन्य विस्तार का मुकाबला करेगा।

एक राष्ट्र के रूप में मजबूत और ठोस रणनीतिक संदेश देने की आवश्यकता है। भारत ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के साथ-साथ उत्तरी सीमा पर गतिरोध के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया है। भारत को एक मजबूत संदेश देने की जरूरत है कि आज देश के पास क्षमता और इच्छा शाक्ति है।