बाजपुर: जश्न के साथ शुरू होगी किसानों की वापसी, बाजपुर गुरुद्वारा साहिब में होगा अखंड पाठ

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बाजपुर, अमृत विचार। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के साल भर से भी अधिक समय तक चलने के बाद सरकार द्वारा मांगों को मान लिए जाने पर स्थानीय किसानों ने हर्ष व्यक्त किया है। साथ ही बैठक कर आंदोलन में हिस्सा लेने वाले तराई के किसानों का दोराहा बाजपुर में …

बाजपुर, अमृत विचार। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के साल भर से भी अधिक समय तक चलने के बाद सरकार द्वारा मांगों को मान लिए जाने पर स्थानीय किसानों ने हर्ष व्यक्त किया है। साथ ही बैठक कर आंदोलन में हिस्सा लेने वाले तराई के किसानों का दोराहा बाजपुर में 12 दिसंबर को ढोल-नगाड़े के साथ भव्य स्वागत करने व जश्न मनाने का निर्णय लिया गया।

शुक्रवार को गुरुद्वारा साहिब में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा की अध्यक्षता में किसानों की बैठक हुई। वक्तओं ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सरहद गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में तराई के किसानों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। खासकर बाजपुर क्षेत्र के किसानों ने बड़ी संख्या में तन-मन व धन के साथ हिस्सा लिया था। देश के किसानों ने इस बड़े आंदोलन के जरिए जीत हासिल की है, जो कि किसानों के लिए आजादी से कम नहीं है।

इसमें हमारे करीब 700 किसानों को शहादत भी देनी पड़ी है। देशभर के किसानों को बधाई देते हुए भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह रंधावा ने कहा कि शनिवार सुबह किसान बड़ी संख्या में गाजीपुर बॉर्डर कूच करेंगे और वहां मनाए जाने वाले विजय दिवस में हिस्सा लेंगे। बताया कि 12 दिसंबर को दिल्ली बॉर्डर से अपने घरों को लौट रहे तराई के किसानों का दोपहर बाद करीब तीन बजे दोराहा-बाजपुर में ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया जाएगा।

इसके बाद सभी किसान जश्न मनाते हुए बाजपुर गुरुद्वारा साहिब पहुंचेंगे। बैठक में भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह रंधावा, ब्लॉक अध्यक्ष प्रताप सिंह संधू, इंदरप्रीत सिंह सिद्​दू, तेजेश्वर सिंह चीमा, राणा रणजोत सिंह, जगमोहन सिंह, सोनू गिल, हरदयाल सिंह, अवतार सिंह सैनी, दिलबाग सिंह आदि थे।

बाजपुर गुरुद्वारा साहिब में होगा अखंड पाठ
बाजपुर। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने बताया कि किसान आंदोलन की समाप्ति व किसानों की बड़ी जीत होने की खुशी में बाजपुर गुरुद्वारा साहिब में 15 दिसंबर को अखंड पाठ की शुरुआत होगी। 17 को पाठ का भोग पड़ेगा। इसी दिन समागम करके गुरु साहिब का शुकराना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये जो जीत हासिल की है इसमें तराई के किसानों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जो भी तराई के किसान हैं, इस लड़ाई में शामिल रहे हैं और अपने तहसील में वापस आ रहे हैं हम उन सबका आभार व्यक्त करते हैं।

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