हैकिंग की चुनौती

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक ट्विटर एकाउंट रविवार को कुछ देर के लिए हैक हो गया। हैकर्स ने बिटकॉइन से जुड़े दो ट्विट्स किए जो कुछ देर में डिलीट हो गए। ट्वीट में कहा गया कि भारत ने आधिकारिक रूप से बिटकॉइन को कानूनी स्वीकार्यता दे दी है। प्रधानमंत्री के एकाउंट का हैक होना हैरत …

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक ट्विटर एकाउंट रविवार को कुछ देर के लिए हैक हो गया। हैकर्स ने बिटकॉइन से जुड़े दो ट्विट्स किए जो कुछ देर में डिलीट हो गए। ट्वीट में कहा गया कि भारत ने आधिकारिक रूप से बिटकॉइन को कानूनी स्वीकार्यता दे दी है। प्रधानमंत्री के एकाउंट का हैक होना हैरत में डालने वाली बात है। पूरी दुनिया में मोदी के फॉलोअर्स की संख्या सात करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। ब्लू-टिक का ठप्पा लगी प्रोफाइल की सुरक्षा आम एकाउंट के मुकाबले ज्यादा कड़ी होती है। बड़े अकाउंट में घुसने का मतलब है, उनकी निजी जानकारियों पर कब्ज़ा पाना। इन तरीकों पर काबू नहीं पाया गया तो मुसीबत और बड़ा रूप ले सकती है। आज यह बिटकॉइन के लिए हुआ। कल किसी और कुत्सित मंशा के साथ किया जा सकता है।

यह पहली बार नहीं है, जब प्रधानमंत्री से जुड़े ट्विटर हैंडल से छेड़छाड़ की गई है। सितंबर 2020 में, उनकी निजी वेबसाइट का हैंडल हैक कर लिया गया था और तब भी बिटकॉइन को बढ़ावा देने वाले ट्वीट्स पोस्ट किए गए थे। क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को आगे बढ़ाने के लिए हैकर्स द्वारा निशाना बनाए जाने में मोदी के खाते अकेले नहीं हैं। इससे पूर्व जुलाई 2020 में एक साथ दुनिया में 130 हाई-प्रोफाइल ट्विटर एकाउंट को निशाना बनाया था। इनमें एप्पल का हैंडल, बिल गेट्स, बराक ओबामा, जो बाइडेन , उबर, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क जैसी हस्तियों के एकाउंट शामिल थे। उस समय भी इन हस्तियों को हैकर ने बिट्क्वाइन स्कैम के लिए शिकार बनाया था। लाखों डॉलर की चपत लगाने वाले बिटकॉइन स्कैम ने साइबर इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। यह ध्यान दिया जा सकता है कि भारत ने क्रिप्टोकरेंसी पर कड़ा रुख अपनाया है।

सरकार ने चिंता व्यक्त की है कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल निवेशकों को भ्रामक दावों के साथ लुभाने और आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने बिटकॉइन को युवाओं के लिए खतरा बताया था। इस मुद्दे से निपटने के लिए कानून लाने की संभावना है। ट्विटर हैकिंग की इस घटना से सोशल मीडिया प्लेटफार्म और इंटरनेट से जुड़ी सुरक्षा पर फिर एक बार सवालिया निशान लग गया है। यह सबक है कि प्लेटफॉर्म कितना भी सुरक्षित हो, उसे विकसित करते रहना ज़रूरी है। समझना होगा कि भविष्य में साइबर हमलों से लड़ाई गंभीर है। अब बड़े स्तर की हैकिंग और उससे होने वाले नुकसान से बचने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। डैमेज कंट्रोल के बजाय एहतियात बरतनी बेहतर होगा।